पंचकूला नगर निगम में कर्मियों की कमी को देखते हुए निगम आयुक्त ने खाली पदों को भरने की हरी झंडी दे दी है। इससे पहले नगर निगम की शनिवार को हुई बैठक हंगामेदार रही।
पानी, बिजली और सफाई व्यवस्था के मुद्दे पर छह पार्षदों ने बैठक का बहिष्कार करते हुए उपायुक्त कार्यालय पर विरोध दर्ज कराया। एक तरफ जहां छह पार्षद धरने पर बैठे थे, तो दूसरी तरफ एजेंडे पर प्रस्तावों पर चर्चा के बाद इन्हें पारित कर दिया गया।
बैठक में मेयर सहित 19 पार्षदों में से अन्य 13 वहीं बैठे रहे। नगर निगम की जनरल हाउस की मीटिंग में पार्षद ममता मित्तल को छोड़कर सभी 19 पार्षद मौजूद थे।
60 सफाई कर्मियों की होगी भर्ती
भाजपा पार्षद रविकांत स्वामी ने कहा कि नगर निगम की एक बैठक पर करीब 54 हजार रुपये का खर्च आता है, जो जनता का पैसा है। अगर नगर निगम का सदन ऐसे ही चलना है तो फिर उन्हें घर पर ही बैठक का एजेंडा भेज दें, जिस पर वे घर बैठे ही अपनी सहमति जता देंगे।
इस पूरे मामले पर नगर निगम मेयर उपेन्द्र कौर आहलूवालिया ने पार्षदों की मांग को जायज ठहराते हुए कहा कि सफाई कर्मियों की संख्या अभी भी कम है। इसी लिहाज से निगम आयुक्त ने 60 नए सफाई कर्मियों की नियुक्ति के लिए हरी झंडी दे दी।
मेयर को मिले पावर
मेयर ने कहा कि सरकार को चाहिए कि वह प्रदेश के सभी नगर निगमों के मेयरों को अधिकार दें, ताकि निजी तौर पर किसी भी विकास संबंधी मामले में कोई फैसला ले सकें।
डॉ. एस.एस. फुलिया ने कहा कि बैठक का बहिष्कार करने वाले पार्षदों की मांग असंवैधानिक थी, क्योंकि नगर निगम के पास कुल करीब 900 सफाई कर्मचारी हैं। क्षेत्र की जरुरतों को देखकर ही उनका बंटवारा किया जाएगा, ताकि किसी भी क्षेत्र में परेशानी नहीं हो।