गुम होने वाले बच्चों में से अनेक को ढूंढकर माता-पिता के हवाले भी किया गया है। पंचकूला, गुरुग्राम, फरीदाबाद, मधुबन, हिसार, भिवानी व रोहतक में मानव तस्करी निरोधक इकाइयां भी काम कर रही हैं। बाल कल्याण पुलिस अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। विशेष किशोर पुलिस इकाइयों का गठन किया गया है। ट्रैक द मिसिंग चाइल्ड पोर्टल भी काम कर रहा है। खोया पाया पोर्टल, मानक संचालन प्रक्रिया, प्रदर्शन पटल के अलावा लापता बच्चों को बचाने के लिए विशेष अभियान भी चलाए जाते हैं।
लापता बच्चों का वर्ष वार ब्योरा
| वर्ष |
लापता बच्चों की संख्या |
बरामद किए |
अभी लापता |
| 2015 |
229 |
205 |
24 |
| 2016 |
250 |
188 |
62 |
| 2017 |
358 |
311 |
47 |
| 2018 |
430 |
311 |
119 |
| 2019 |
379 |
281 |
98 |
| 2020 |
49 |
16 |
33 |
नोट : 2020 के आंकडे़ 25 फरवरी तक के हैं।