पेंशन तय होने के बाद रिटायर कर्मी को कुछ राशि एडवांस में दिए जाने का है प्रावधान
इस राशि को साढ़े 11 वर्ष की जगह 15 साल तक वसूली का है आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। रिटायरमेंट के बाद पेंशन पाने वालों को सरकार द्वारा दी गई कम्यूटेड पेंशन की वसूली के दौरान मनमाने तरीके से ब्याज वसूलने का आरोप लगाते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। याचिका पर हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार सहित अन्य को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।
याचिका दाखिल करते हुए शीला देवी व अन्य ने हाईकोर्ट को बताया कि वह सरकार के पूर्व कर्मचारी हैं और पेंशन ले रहे हैं। सरकारी नियम है कि रिटायरमेंट के बाद कर्मचारी पेंशन के कुछ हिस्से को एक मुश्त सरकार से लिया जा सकता है। इस राशि पर 8 प्रतिशत ब्याज वसूलने का प्रावधान है, लेकिन सरकार मनमाने तरीके से इसकी वसूली कर रही है। याची ने बताया कि लोन के रूप में ली गई राशि की कटौती हर माह मिलने वाली पेंशन से होती है। सरकार एक फॉर्मूले के तहत ब्याज लगाते हुए यह राशि वसूलती है। याचिकाकर्ताओं ने कहा कि और यह कटौती साढ़े 11 वर्ष में पूरी हो जानी चाहिए। ऐसा न करते हुए सरकार 15 साल तक पेंशन से यह राशि काट रही है, जो पूरी तरह से गलत है। याची ने कहा कि सरकार को इस प्रकार से मनमाने तरीके से ब्याज वसूलने का अधिकार नहीं दिया जाना चाहिए। याचिका में हाईकोर्ट से अपील की गई कि अतिरिक्त राशि की वसूली पर रोक लगाई जाए। हाईकोर्ट ने याची पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद याचिका पर पंजाब सरकार सहित अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।