खालिस्तान समर्थक गोपाल चावला ने मांग की है कि अमृतसर से गुरुद्वारा श्री ननकाना साहिब तक एक अन्य मोटर वे का निर्माण किया जाए। देश विभाजन के बाद पहली बार गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब में श्री हरमंदिर साहिब का स्थापना दिवस मनाया गया। 1589 में पांचवें गुरु श्री गुरु अर्जन देव जी ने सचखंड का नींव पत्थर साईं मियां मीर द्वारा रखवाया था।
इस महान दिवस को याद करने के लिए लाहौर स्थित दरबार साईं मियां मीर के वर्तमान गद्दीनशीन साई अली रजा कादरी ने गुरुद्वारा करतारपुर साहिब में श्री दरबार साहिब के स्थापना दिवस समारोह के आयोजन की घोषणा की थी। इस समारोह में शामिल होने के लिए भारतीय श्रद्धालुओं का एक जत्था भी करतारपुर साहिब पहुंचा था।
इस अवसर पर पाकिस्तान गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पूर्व अध्यक्ष बिशन सिंह ने कहा कि आज का दिन सिख-मुस्लिम दिवस के रूप में याद किया जाता है। 72 वर्ष के बाद सिखों की अरदास सुनी गई। अब सिख मुस्लिम भाईचारे के साथ गुरुद्वारा करतारपुर साहिब में स्थापना दिवस मनाया करेंगे। दरबार साईं मियां मीर के गद्दी नशीन साईं अली रजा कादरी ने कहा कि साईं मियां मीर जी की तीन गुरु साहिबान के साथ सांझ थी।