गूगल ब्वॉय के नाम से मशहूर छह वर्षीय कौटिल्य वही होनहार है, जिसे महज छह वर्ष की उम्र में वर्ल्ड मैप, भूगोल, हिंदी, संस्कृत, अंग्रेजी की अच्छी खासी जानकारी है। विभिन्न भाषाओं में उसका उच्चारण भी शुद्ध होता है। तभी तो ‘कौन बनेगा करोड़पति’ टीवी शो के दौरान सुपरस्टार अमिताभ बच्चन भी उसकी प्रतिभा के कायल हो गए थे। कौटिल्य की मेमोरी इतनी शार्प है कि वह एक बार जो पढ़ लेता है या देख लेता है, उसे याद हो जाता है। इसका प्रमाण भवन विद्यालय में भी देखने को मिला। स्कूल में चस्पा की गई खबरों को एक बार पढ़ने के बाद उसे सारी खबरें याद थीं।
कौटिल्य की प्रतिभा देख हैरान हुए थे बिग-बी
‘कौन बनेगा करोड़पति’ टीवी शो के दौरान सुपरस्टार अमिताभ बच्चन ने नन्हे गूगल ब्वॉय को उसके नाम के साथ महाज्ञानी, महाबुद्धिमान, श्रीमान कौटिल्य पंडित जी की उपाधि दी थी। ‘कौन बनेगा करोड़पति’ टीवी शो में कौटिल्य से मिलने के बाद अमिताभ बच्चन इतने प्रभावित हुए कि उस दिन उन्हें ढाई बजे रात तक कौटिल्य की बातें याद आती रही। जब नींद नहीं आई तो उन्होंने उसी समय कौटिल्य पर ढाई सौ शब्दों का ब्लॉग तक लिख डाला।
कौटिल्य के बारे में जानिए ज्योतिषियों की भविष्वाणी
कौटिल्य के पिता ने बताया कि वाराणसी स्थित काशी नगरी के ज्योतिषाचार्यों ने जन्म तिथि, समय व स्थान के आधार पर कौटिल्य के फलादेश में कहा है कि कौटिल्य पूरे विश्व में ज्ञान-विज्ञान के साथ-साथ आध्यात्म का भी परचम लहराएगा। आचार्यों का कहना है कि कुंडली में शनि की दशा सबसे अच्छी होने के कारण अनुमान है कि कौटिल्य समाज में गलत परंपरा के दोष को खत्म कर नई परंपरा का श्रृजन करेगा और यह एक कुशल वक्ता बनेगा। कई ज्योतिषियों का यह भी कहना है कि कौटिल्य के पैर का निचला भाग खड़ाऊं के समान होने के कारण वह वैज्ञानिक या न्यायाधीश बन सकता है।
पंचकूला में अपनी प्रारंभिक शिक्षा पूरी करेगा
गूगल ब्वॉय के नाम से मशहूर कौटिल्य का एडमिशन पंचकूला के सेक्टर-15 के भवन विद्यालय में दूसरी कक्षा में हुआ है और यहीं से वह अपनी प्रारंभिक शिक्षा पूरी करेगा। भवन विद्यालय में नामांकन के दौरान कौटिल्य अपने पिता सतीश शर्मा और दादा जयकिशन शर्मा के साथ स्कूल पहुंचा था। मूल रूप से झज्जर के खरड़ निवासी सतीश शर्मा करनाल स्थित कोहांड में एसडी हरित माडर्न स्कूल चलाते हैं। उन्होंने बताया कि कौटिल्य को घर में कोटि के नाम से पुकारा जाता है। कौटिल्य के पिता सतीश शर्मा ने बताया कि मैं एक ऐसा स्कूल ढूंढ रहा था, जहां कौटिल्य को अच्छी शिक्षा के साथ-साथ अच्छा नागरिक बनने का भी मौका मिले। भवन विद्यालय में मुझे हर तरीके से सटीक लगा।
मुंहबोली बहन भी है काफी प्रतिभावान
कौटिल्य की बहन जाह्नवी, दीक्षा और मृदुल भी भवन विद्यालय की विद्यार्थी होंगी। इनमें दीक्षा का कक्षा तीन और मृदुल का कक्षा पांच में एडमिशन हो गया है, जबकि जाह्नवी का अप्रैल में कक्षा 10 में एडमिशन होगा। 10 वर्षीय जाह्नवी काफी प्रतिभावान है। इतनी कम उम्र्र में ही उसने दसवीं तक की पाठ्यक्रम की तैयारी कर ली है। वह ब्रिटिश और अमेरिकन लैंग्वेज भी सही तरीके से बोल लेती है।
जाह्नवी के पिता बृजमोहन ने बताया कि बचपन से ही उसमें कुछ जानने, कुछ सीखने की जिज्ञासा है। वह अच्छी एंकरिंग कर लेती है और फ्रेंच भी सीखना शुरू कर दिया है। फ्रेंच सीखने के लिए उसे वह बापोली से रोजाना पानीपत लेकर आते हैं। स्कूल की प्रिंसिपल शशि बैनर्जी ने जब कौटिल्य और जाह्नवी को स्कूल की शिक्षिकाओं से मिलवाया और शिक्षिकाओं ने जब इन दोनों बच्चों से बात की तो प्रश्नों का जवाब सुनकर सभी हैरान रह गए। इतनी कम उम्र में भाषा और सामान्य अध्ययन पर इतनी अच्छी पकड़ देखकर सबने उनकी प्रतिभा को सराहा।