विश्व के चर्चित बच्चों में पहले स्थान पर
गूगल ब्वॉय के नाम से प्रसिद्ध हरियाणा के करनाल वासी कौटिल्य पंडित के नाम एक और उपलब्धि जुड़ गई है। दरअसल, घरौंडा कस्बा से कोहंड गांव वासी गूगल ब्वाय कौटिल्य पंडित का नाम विश्व के चर्चित बच्चों में से सबसे पहले नंबर पर आया है।
इसका उल्लेख डेक्कन क्रॉनिकल (अंग्रेजी अखबार) ने किया है। इसमें दक्षिणी एशिया के नौ वंडर किड्स जिन्होंने इतिहास बनाया है, उनमें कौटिल्य पंडित का नाम शुमार है। इस उपलब्धि से परिवार के लोगों के अलावा हरियाणा और भारत का नाम रोशन हुआ है। अब कौटिल्य की रुचि के मुताबिक आगे बढ़ाने में उनके पिता सतीश शर्मा पूरा साथ दे रहे हैं।
दक्षिणी एशिया के नौ वंडर किड्स में कौटिल्य पंडित की उपलब्धि है कि वह विभिन्न साईक्लोजिस्ट की ओर से सबसे कम उम्र का अब तक का विश्व का सबसे चर्चित बच्चा रहा है। यही कारण है कि कौटिल्य को 11 राज्यों में 88 बार सम्मानित किया जा चुका है।
होनहार बच्चों की उपलब्धियां
दक्षिणी एशिया के नौ वंडर किड्स जिन्होंने इतिहास बनाया है, उनमें कौटिल्य पंडित के अलावा मुंबई वासी तृप्तराज पांडेय हैं, जो तीन वर्ष की उम्र में ऑल इंडिया रेडियो पर आए।
हिमाचल प्रदेश में नूरपुर के रहने वाले अकृत जसवाल जिन्होंने सात वर्ष की उम्र में सर्जरी की। शौर्य महनोत जो छह वर्ष की उम्र में अंतरराष्ट्रीय ख्याति रहे। सूरत वासी प्रियांशी सोमानी जो 11 वर्ष की उम्र में मेंटल कैलकुलेशन वर्ल्ड कप 2010 में सौ प्रतिशत एक्युरेसी पर रहीं।
पाकिस्तान वासी अरफा करीम नौ वर्ष की उम्र में माइक्रो सॉफ्ट प्रोफेशनल सर्टिफिकेट विजेता बनीं। पाकिस्तान वासी हैरिस मंजूर ने फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी और मैथ के जीरो लेवल में वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया। थाईलैंड वासी अजय पुरी ने चार वर्ष की उम्र में वेब डिजाइन की।
लखनऊ से सुषमा ने सात वर्ष की उम्र में दसवीं पास और 14 साल की उम्र में स्नातक की उपाधि ली। इनमें कौटिल्य पहले पायदान पर हैं।
नौ वर्ल्ड रिकॉर्ड बना चुका है कौटिल्य
हर बच्चा ज्ञान से भरा है। उसको दिशा देने की कमी है। कौटिल्य पंडित के पिता सतीश शर्मा बताते हैं कि हर माता-पिता का कर्तव्य बनता है कि वह अपने बच्चे को एक विषय में निपुण करें।
उसके सामने सवाल करें और उत्तर बताएं। जब बच्चा सवाल करे तो उसका भी उत्तर सटीक दें। बच्चे को चर्चित करने के लिए यह नहीं है कि उसकी रुटीन पढ़ाई प्रभावित करें।
आजकल कौटिल्य का ज्यादा ध्यान अंतरिक्ष विज्ञान, रॉकेट टेक्नोलॉजी में है। वह करीब नौ वर्ल्ड रिकॉर्ड बना चुका है, लेकिन अभी तक अप्लाई नहीं किया है।