गूगल ब्वॉय की बहन दीक्षा ने दिए कौटिल्य के सवालों के जवाब
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गूगल ब्वॉय कौटिल्य की बड़ी बहन दीक्षा भी प्रतिभा के मामले में कौटिल्य से कम नहीं है। उसने कौटिल्य के सवालों के ऐसे जवाब दिए, सुनकर सब हैरान रह गए। दीक्षा नौ साल की उम्र में ही अंतरिक्ष विशेषज्ञ बन गई हैं। उसे ब्रह्मांड से संबंधित पांच हजार आंकड़े जुबानी याद हैं तथा दो मिनट में किसी भी विषय पर कविता लिखने व स्पीच देने की कला विलक्षण हैं।
दीक्षा को गीता के सभी अध्याय व उनके श्लोक जुबानी याद है। शिक्षा के अलावा दीक्षा चेस, शूटिंग व जिम्नास्ट की भी अच्छी प्लेयर हैं। दीक्षा ने अपनी इस असाधारण प्रतिभा का प्रदर्शन वीरवार को अमर उजाला कार्यालय में आयोजित प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता के दौरान किया। प्रतियोगिता में दीक्षा ने कौटिल्य द्वारा पूछे गए सभी सवालों का सटीक जवाब देकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
गूगल ब्वॉय ने प्रश्नोत्तरी में दीक्षा से ब्रह्मांड की उत्पत्ति से लेकर, ग्रहों व उपग्रहों की स्थिति, तारों के जन्म व उनके मरण संबंधित विषयों पर सैकड़ों सवाल पूछे, लेकिन दीक्षा ने एक मिनट से पहले ही हर सवाल का सटीक जवाब देकर आश्चर्य चकित कर दिया। दीक्षा ने कई विषयों पर दो मिनट में स्पीच देकर व कविता लिखकर अपनी विलक्षण प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
खेलों में भी अव्वल हैं कौटिल्य की बहन दीक्षा
गूगल ब्वॉय के नाम से मशहूर कौटिल्य पंडित
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कौटिल्य के पिता सतीश शर्मा ने बताया कि दीक्षा भी कौटिल्य की तरह प्रतिभावान है। वह शिक्षा के साथ खेलों में भी अव्वल है। दीक्षा ने इंडिया गोट टेलेंट के तीनों रांउड क्लीयर हैं तथा चेस, शूटिंग व जिम्नास्ट में भी कई मेडल जीते हैं। दीक्षा ब्रह्मांड के किसी भी ग्रह व उपग्रह तथा तारों की उत्पत्ति व विनाश के कारणों से संबंधित जानकारी जुबानी बता सकती है।
उसे विश्व में अब तक ब्रह्मांड पर हुई सभी रिसर्च व उनके शोध कर्ताओं के बारे में भी पूर्ण जानकारी है। इसके अलावा दीक्षा को गीता के सभी अध्याय व उनके श्लोक कंठस्थ हैं, जिनका वह शुद्ध उच्चारण के साथ पाठन कर सकती है। इसी वजह से उसकी किसी भी विषय पर दो मिनट में कविता की रचना करने की कला विकसित हुई है।
विषयों को रटने की बजाए, समझने का प्रयास करें
छोटी से उम्र में अंतरिक्ष की विशेषज्ञता हासिल करने वाली दीक्षा ने कहा कि विद्यार्थियों को विषयों को रटने की बजाए समझने का प्रयास करना चाहिए। उसका कहना है कि जब कोई बात समझ में आ जाती है तो वह फिर स्मृति से गायब नहीं होती। इसलिए हमेशा रटने की बजाए समझने का प्रयास करें।