चंडीगढ़ के लोगों को पानी का बिल जमा कराने के लिए अब कतार में लगने की जरूरत नहीं है। क्योंकि अब लोग अपने घर या दफ्तर में बैठे ही बिल का ऑनलाइन भुगतान कर सकेंगे।
इस योजना से डेढ़ लाख से ज्यादा लोगों और उनके परिवार के सदस्यों को फायदा होगा। नगर निगम ने इस पूरे प्लान पर शुक्रवार को अंतिम मंजूरी दे दी। निगम कमिश्नर विवेक प्रताप सिंह का यह ड्रीम प्रोजेक्ट है।
विवेक प्रताप सिंह ने चीफ इंजीनियर मुकेश आनंद के साथ साथ जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को बैठक कर यह सुविधा शुरू करने का आदेश दिया है।
निगम का इस सुविधा के लिए एक निजी बैंक के साथ समझौता हुआ है। इससे व्यक्ति घर बैठे नेट बैंकिंग, डेबिट और क्रेडिट कार्ड से बिल का भुगतान कर सकते हैं। उम्मीद है कि जुलाई में यह सुविधा शुरू हो जाएगी। अगर कोई किसी कारणवश ऑनलाइन भुगतान नहीं कर सकता है। तो उसे पहले की तरह ई-संपर्क में ही बिल जमा कराना होगा।
70 करोड़ का रेवन्यू इकट्ठा होता है
निगम को हर साल लोगों से पानी के बिल के तौर पर 70 करोड़ का रेवन्यू इकट्ठा होता है। जबकि नगर निगम का लोगों तक पानी पहुंचाने में खर्च सवा करोड़ रुपये आता है।
इस समय स्थिति
इस समय लोगों को अलग-अलग बने ई-संपर्क सेंटरों में जाकर बिल जमा कराना पड़ता है। अधिकतर लोगों के अपने सेक्टर में ई-संपर्क केंद्र नहीं है। उन्हें दो से तीन किमी का अतिरिक्त सफर तय कर ई-संपर्क केंद्र में जाना पड़ता है।
अलग-अलग बिल आ रहे इस समय
पिछले साल सेक्टर-17 की नाइलिट इमारत में आग लग गई थी। जिससे निगम के पानी के बिल का पूरा रिकॉर्ड जल गया था। ऐसे में लोगों को एवरेज बिल भेजे जा रहे हैं।
कई लोगों का गलती से अधिक बिल आ जाता है। पिछले माह एक व्यक्ति को गलती से एक करोड़ का पानी का बिल भी भेज दिया था। बिल जमा कराने के लिए लोगों को एक सप्ताह का समय दिया जाता है।
कोट
ऑनलाइन पानी का बिल जमा करने की स्कीम को लागू करने का फैसला हो गया है। इंडस बैंक इस सुविधा को चालू करने के लिए निगम की मदद करेगा। लोगों को ई-संपर्क केंद्रों में नहीं आना पड़ेगा। उनके समय की भी बचत होगी। जल्द ही ऑनलाइन सुविधा शुरू कर दी जाएगी।
विवेक प्रताप सिंह, नगर निगम कमिश्नर।