यूटी प्रशासन की ओर से कर्मचारियों के लिए छह साल पहले लॉन्च की गई आवासीय योजना में असफल रहे कर्मचारियों को अब फ्लैट मिलने की उम्मीद जग गई है।
जुलाई, 2012 में सांसद तारिक अनवर की अध्यक्षता में चंडीगढ़ आई संसदीय समिति ने केंद्रीय गृह मंत्रालय (एमएचए) को दी गई रिपोर्ट में सिफारिश की है कि कर्मचारियों के लिए लॉन्च की गई आवासीय योजना में असफल रहे कर्मचारियों के फ्लैट अलॉट करने के मुद्दे को जल्द सुलझाया जाए और यदि जरूरत पड़ती है तो उन्हें प्राथमिकता के आधार पर किसी और आवासीय योजना में फ्लैट अलॉट किए जाएं।
समिति ने इस योजना के सफल अलॉटियों को भी फ्लैट की अलॉटमेंट जल्द हो। इसके साथ ही संसदीय समिति ने शहर के अलग अलग वर्ग के लोगों के लिए ऐसी आवासीय योजना को लॉन्च करने की सिफारिश की है जो ज्यादा महंगी न हो और लोगों की पहुंच में हो। समिति ने अपनी रिपोर्ट में शहर को स्लम फ्री बनाने की भी सिफारिश की है।
गौरतलब है कि यूटी प्रशासन के कर्मचारियों की आवासीय योजना-2008 में असफल रहे आवेदक लंबे समय से अपने लिए आवासीय योजना को लॉन्च करने की मांग कर रहे हैं। उधर, इस ड्रा में सफल रहे कर्मचारियों के लिए सीएचबी अभी तक जमीन ही नहीं तय कर पाया है। यह मामला अब अदालत में विचाराधीन है।