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पीयू विद्यार्थियों के लिए खुशखबरी.. पीयू नहीं बढ़ाएगी फीस

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चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी कोरोना महामारी को देखते हुए आगामी शैक्षणिक सत्र की वार्षिक फीस वृद्धि पर रोक लगाने की योजना बना रही है। इसे लेकर डीन यूनिवर्सिटी इंस्ट्रक्शन्स की 16 सदस्यीय कमेटी के साथ बैठक हुई थी। इसमें इस पर विचार किया गया। अभी बैठक में बनाई गई इस योजना पर अंतिम फैसला पीयू के कुलपति करेंगे। वहीं दूसरी तरफ विद्यार्थी मांग कर रहे हैं कि सिर्फ ट्यूशन फीस ही ली जाए। वहीं पिछले वर्ष वसूले गए अतिरिक्त शुल्क को लौटाने की भी मांग की।
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अगर पीयू कुलपति फीस मामले को लेकर बनी कमेटी के फैसले को हरी झंडी दे देते हैं तो यह लगातार दूसरी बार होगा कि पीयू में फीस वृद्धि नहीं की जाएगी। पिछले शैक्षणिक सत्र 2020-21 में भी कोरोना महामारी के कारण विद्यार्थियों के आर्थिक हालात देखते हुए पीयू ने वार्षिक फीस में वृद्धि नहीं की थी। इस बार भी महामारी के प्रसार को देखते हुए विश्वविद्यालय पिछले फैसले को दोहराने की योजना बना रहा है। इसके लिए कुलपति ने फीस के लिए कमेटी गठित की थी, जिन्हें वर्तमान हालातों को देखते हुए फीस संरचना पर चर्चा करने के निर्देश दिए गए थे।
कमेटी की ओर से लिया गया फैसला पीयू के विभागों और रीजनल सेंटर पर लागू होगा। इस फैसले से करीब 35 हजार विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा। यूनिवर्सिटी से मान्यता प्राप्त 191 कॉलेजों को लेकर अभी कोई फैसला नहीं किया गया है। कॉलेजों की फीस कमेटी हर साल अलग बनती है। इसमें डीन कॉलेज डेवलपमेंट काउंसिल और कॉलेज के प्रमुख हिस्सा लेते हैं। इन कॉलेजों में करीब ढाई लाख के करीब विद्यार्थी पढ़ते हैं। पिछली बार यूनिवर्सिटी के फैसले के बाद कॉलेजों की भी फीस नहीं बढ़ाई गई थी।
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पिछले वर्ष सिंडिकेट ने नए प्रवेशकों की फीस वृद्धि को करवाया रद्द
पिछले वर्ष शैक्षणिक सत्र 2020-21 में पीयू सिंडिकेट ने नए प्रवेशकों की फीस वृद्धि को भी रद्द करवा दिया था। इसमें स्व-वित्तपोषित पाठ्यक्रमों की फीस में 7.5 प्रतिशत और पारंपरिक पाठ्यक्रमों की फीस में 5 प्रतिशत की वृद्धि की जानी थी। इसके अलावा पिछले साल यूनिवर्सिटी ने विद्यार्थियों को किश्तों में सेमेस्टर फीस का भुगतान करने की अनुमति दी थी और कई विद्यार्थियों की मदद भी जो फीस का भुगतान करने में सक्षम नहीं थे। पैनल के एक सदस्य ने बताया कि उन्होंने इस वर्ष भी छात्रों को किद्वस्रतों में सेमेस्टर शुल्क का भुगतान करने की अनुमति देने पर चर्चा की है।
एबीवीपी ने सिर्फ ट्यूशन फीस लेने की उठाई मांग
पीयू की एबीवीपी इकाई ने फीस के साथ लिए गए विविध शुल्क को वापस करने के लिए कुलपति प्रो. राजकुमार से मांग की है। कार्यकर्ताओं ने बताया कि कोरोना महामारी के कारण लगभग एक साल से यूनिवर्सिटी बंद है। इस समय में किसी भी प्रकार के ऑफलाइन कार्य नहीं हो रहे हैं, केवल ऑनलाइन कक्षा ली जाती है। ऐसे में यूनिवर्सिटी विद्यार्थियों को ट्यूशन फीस के अलावा लिए जाने वाले विविध शुल्कों को उन्हें वापस करें, क्योंकि महामारी के कारण बहुत से विद्यार्थी अभी आर्थिक तंगी से गुजर रहे हैं।
कोट्स
विद्यार्थियों की करेंगे हरसंभव सहायता
पंजाब यूनिवर्सिटी इस महामारी के समय में विद्यार्थियों की हर संभव सहायता करेगी। फीस में बढ़ोतरी नहीं करने को लेकर हमने योजना कुलपति को सौंप दी है। अंतिम निर्णय अभी उनकी ओर से दिया जाना है। -प्रो. वीआर सिन्हा, डीन यूनिवर्सिटी इंस्ट्रक्शन्स
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