चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी में काम कर रहे गेस्ट फैकल्टी के लिए खुशखबरी है। अब गेस्ट फैकल्टी की तनख्वाह दोगुनी हो जाएगी। इससे पीयू के लगभग सात सौ के करीब गेस्ट फैकल्टी को फायदा होगा। इस प्रस्ताव को मंजूरी सोमवार को आयोजित बोर्ड ऑफ फाइनेंस की बैठक में दी गई। पीयू के आधार पर यह फैसला बाद में कॉलेजों में भी लागू हो सकेगा। यूनिवर्सिटी में वर्तमान में हजार रुपए प्रति लेक्चर और अधिकतम मासिक वेतनमान 25 हजार रुपए दिया जा रहा है। अब यह बढ़कर प्रति लेक्चर 1500 और मासिक वेतन अधिकतम 50 हजार कर दिया गया है। इस प्रस्ताव को सिंडिकेट से पहले ही मंजूरी मिल चुकी है।
पीयू में अभी तक गेस्ट फैकल्टी को 25 हजार रुपये प्रति महीना मानदेय दिया जाता है, जोकि पीएचडी स्कॉलर की ओर से ली जाने वाली जूनियर रिसर्च फैलोशिप (जेआरएफ) से भी कम था। यूजीसी ने गेस्ट फैकल्टी का मानदेय बढ़ाने को लेकर 28 जनवरी 2019 को पत्र जारी किया था। लेकिन पीयू में इसे लागू नहीं किया गया था। यूजीसी ने यूनिवर्सिटी और कॉलेजों में गेस्ट फैकल्टी को 1500 रुपये प्रति लेक्चर और महीने के अधिकतम 50 हजार रुपये मानदेय देने के निर्देश दिए थे। इस मानदेय का लाभ लेने के लिए गेस्ट लेक्चरर का क्वालिफिकेशन रेगुलर लेक्चरर के समान ही रखा गया है। गेस्ट लेक्चर को इसका लाभ देने के लिए शिक्षण संस्थानों में सिलेक्शन कमेटी गठित की जाएगी। सिलेक्शन कमेटी में कुलपति या उनके द्वारा नामांकित सदस्यों के अलावा सब्जेक्ट एक्सपर्ट, डीन ऑफ कॉलेज व एससी-बीसी नॉमिनी भी शामिल रहेंगे। यह कमेटी यूनिवर्सिटी और कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर की चयन प्रक्रिया के अनुसार ही गेस्ट फैकल्टी का चुनाव करेगी। यूजीसी के अनुसार गेस्ट फैकल्टी की संख्या स्वीकृत पदों से अधिक नहीं की जा सकेगी। कुल सेंक्शन पदों की 20 प्रतिशत तक गेस्ट फैकल्टी की भर्ती की जा सकेगी।
इन्हें भी मिली मंजूरी
बोर्ड ऑफ फाइनेंस की बैठक में दिव्यांग कर्मचारियों को एक हजार रुपए प्रति महीना अलॉउंस देने के लिए मंजूरी मिल गई है। इसे एक जनवरी 2023 से लागू किया जाएगा। बीओएफ में एसोसिएट डीन स्टूडेंट वेलफेयर के पदभार के लिए तीन हजार रुपए प्रति महीना मानदेय को मंजूरी दे दी है। एसोसिएट डीएसडब्ल्यू, डीएसडब्ल्यू की अनुपस्थिति में उनका कार्यभार देखेंगे। कंस्ट्रक्शन कामों में जीएसटी मूल्य 12 प्रतिशत से बढ़ाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है। बीओएफ के सदस्यों ने सेलेक्शन/स्क्रीनिंग कम इवैलुशन (कैश) के लिए चांसलर/वाइस चांसलर के नॉमिनी के लिए मानदेय की दर को 2500 रुपए से बढ़ाकर पांच हजार रुपए कर दिया गया है। पीयू के शैक्षणिक और गैर शैक्षणिक कर्मचारियों को दिए जाने वाले एरियर्स पर कोई सहमति नहीं बन पाई है। पंजाब यूनिवर्सिटी में शिक्षकों को सातवां वेतन आयोग और गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों को छठा वेतन आयोग दे दिया गया है। ऐसे में लगभग 334 करोड़ पे-रिविजन और पेंशन के लिए चाहिए। शिक्षकों को एरियर एक जनवरी 2016 से दिया जाना है। इसको लेकर पीयू की ओर से यूजीसी और पंजाब सरकार दोनों को पत्र लिखे थे, लेकिन सकारात्मक जवाब नहीं मिले हैं।