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डाक्टरों के लिए नियुक्ति से जुड़ी बड़ी खुशखबरी

Sun, 13 Jul 2014 12:55 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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हरियाणा में डाक्टरों को नियुक्ति के साथ ही ग्रुप ए का दर्जा मिल जाएगा। अभी तक यह डाक्टर ग्रुप बी के दर्ज में सेवा ज्वाइन करते थे। दो साल के प्रोबेशन के बाद इन्हें ग्रुप ए में शामिल किया जाता था। सरकार का मानना है कि इस फैसले से चिकित्सक नियुक्ति के बाद ज्वाइनिंग से मुंह नहीं मोड़ेंगे।
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मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि हरियाणा सिविल चिकित्सा सेवा के डाक्टरों को हरियाणा सिविल चिकित्सा सेवा (ग्रुप ए) सेवा नियम, 2014 के तहत नए वेतनमान देकर प्रथम सेवा प्रवृष्टि पर ही श्रेणी-1 (ग्रुप ए) का दर्जा प्रदान किया जाएगा। एचसीएमएस (हरियाणा सिविल चिकित्सा सेवा) के डॉक्टर जो इस समय हरियाणा सिविल चिकित्सा सेवा (श्रेणी-दो) नियम-1978 द्वारा शासित हैं।

उन्हें अब प्रथम सेवा प्रवृष्टि पर श्रेणी-1 (ग्रुप ए) का दर्जा दिया जाएगा। पुराने नियम निरस्त करने के बाद सरकार ने यह नियम बनाए हैं। जिन्हें हरियाणा सिविल चिकित्सा सेवा (ग्रुप-ए) नियम, 2014 के नाम से जाना जाएगा।
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स्वास्थ्य विभाग में चिकित्सा अधिकारियों के2560 और एसएमओ के 442 पद हैं। डॉक्टरों की कमी के कारण आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। कई डॉक्टर चयन के बाद नौकरी में नहीं आते और प्रोबेशन अवधि के दौरान ही काफी डॉक्टर नौकरी छोड़ देते हैं।

नए नियमों के मुताबिक प्रथम सेवा प्रवृष्टि पर दिए जाने वाले वेतनमान 9300-34800 (पे बेंड 2) जमा 5400 ग्रेड पे को बदलकर 15600-39100 (पे बेंड 3) जमा 5400 ग्रेड पे किया गया है। जो राज्य के अन्य ग्रुप-ए अधिकारियों को दिया जाता है।

पीजी डिप्लोमाधारक ही बन सकेंगे एसएमओ
अभी तक डिप्लोमाधारक विशेषज्ञों को एसएमओ के पद पर सीधी भर्ती का अवसर नहीं दिया गया है। वर्तमान संशोधन के मुताबिक पीजी डिप्लोमा धारक डॉक्टरों को सीधी भर्ती के माध्यम से एसएमओ ग्रुप ए बनने का अवसर मिलेगा और डॉक्टरों को डिप्लोमा अहर्ता के लिए प्रेरित करेगा।

इस समय एसएमओ के 25 प्रतिशत पद विभिन्न विषयों में एमडी या एमएस डिग्री धारक सेवारत डॉक्टरों में सीधी भर्ती के माध्यम से किया जाता है।

अब एक वर्षीय पीजी डिप्लोमा कोर्स को दो वर्षीय कोर्स बना दिया गया है और विभिन्न विषयों में पीजी डिप्लोमा धारक डॉक्टरों को पीजी डिग्री की तर्ज पर प्रशिक्षण या सीखने का अवसर दिया जाएगा।
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