मार्च से पेंशनधारकों को अपनी पेंशन के लिए घंटों लाइन में नहीं लगना पड़ेगा। पेंशन सीधे उनके बैंक खाते में आएगी। साथ ही पेंशनधारकों को डेबिट कार्ड भी जारी किया जाएगा। जिससे वह किसी भी एटीएम से अपनी पेंशन निकाल सकेंगे। इससे 20 हजार पेंशनधारकों को फायदा होगा।
समाज कल्याण विभाग पेंशन वितरण सिस्टम को हाईटेक करने जा रहा है। इसके लिए विभाग ने आईसीआईसीआई बैंक से टाइअप किया है। यही बैंक सभी पेंशनधारकों के खाते खोलकर उन्हें एटीएम कार्ड जारी करेगा। करीब 3100 पेंशनधारकों को एटीएम जारी किया जा चुका है। 15 मार्च तक सभी को एटीएम देने का लक्ष्य तय किया गया है।
चंडीगढ़ में कुल 20 हजार पेंशनधारक हैं। जिसमें 10 हजार 300 बुजुर्ग, 6400 विधवा और 3300 दिव्यांग और अन्य पेंशन धारक हैं। पेंशनधारकों को संपर्क सेंटर और बाल भवन में पेंशन बांटी जाती है। बैंक के कर्मचारी ही यहां आकर पेंशन बांटने का काम करते हैं। इतने लोगों को पेंशन बांटने में हर महीने दो से तीन दिन लग जाते हैं।
कई बार तो बुजुर्गों को दिनभर इंतजार के बाद बैरंग लौटना पड़ता है। उनके साथ उनके परिजनों को भी अपने काम पेंशन के लिए छोड़ने पड़ते हैं। खासकर चलने-फिरने से लाचार बुजुर्गों के परिजनों को काफी परेशानी होती है।
कई बार तो पेंशन नहीं मिलने केकारण विवाद भी हो जाता है। इतने पेंशनधारकों केएक साथ आने से संपर्क सेंटर भी हाउसफुल हो जाते हैं। जिससे उन्हें बैठने तक की जगह नहीं मिलती। कई बार बुजुर्गों को नीचे जमीन पर ही बैठना पड़ता है। उस दिन संपर्क सेंटर में दूसरे कामों से आने वाले लोगों को भी परेशानी झेलनी पड़ती है।
अप्रैल से पेंशन होगी डबल
अप्रैल माह से बुढ़ापा, विधवा और उसके दो बच्चों को पेंशन 500 की बजाए 1 हजार रुपये मिलेगी। प्रशासन ने पेंशन को बढ़ाकर दोगुणा कर दिया है। इसके अलावा पेंशन के लिए पारिवारिक वार्षिक आय की शर्त को भी 12 हजार से बढ़ाकर डेढ़ लाख कर दिया गया है। इससे बहुत से नए लोग भी अब पेंशन का लाभ ले सकेंगे।
दिव्यांग और बेसहारा बच्चों की पेंशन भी रिवाइज की जा रही है। यह पेंशन हरियाणा की तर्ज पर बढ़ाई जानी है। अभी दिव्यांग और बेसहारा बच्चों को 500 रुपये प्रतिमाह पेंशन मिलती है। जबकि हरियाणा में 2100 रुपये पेंशन मिलती है।