सिटी ब्यूटीफुल को पूर्ण सोलर सिटी बनाने के लिए अब प्रशासन रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशंस (आरडब्ल्यूए) की मदद लेगा। इसके लिए प्रशासन ने सभी
आरडब्ल्यूए के सामने अगले एक साल में 2 हजार घरों की छतों पर सोलर पावर प्लांट लगाने का लक्ष्य रखा है। अपने एरिया में सबसे अधिक प्लांट लगवाने
वाली आरडब्ल्यूए को अगली 15 अगस्त पर 1 लाख रुपये के नकद पुरस्कार से नवाजा जाएगा।
मीटिंग में एडवाइजर परिमल राय, होम सेक्रेटरी अनुराग अग्रवाल और क्रेस्ट के सीईओ संतोष कुमार मौजूद रहे। होम कम साइंस एंड टेकभनोलॉजी सेक्रेटरी
अनुराग अग्रवाल ने सभी प्रतिनिधियों को सोलर एनर्जी के क्षेत्र में नए आयाम साबित करने के लिए मदद का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि प्लांट लगवाने के
लिए वेबसाइट पर विजिट कर ऑनलाइन ही आवेदन किया जा सकता है। वेबसाइट पर 45 अथोराइज्ड डीलर उपलब्ध हैं ग्राहक को जिसका रेट सही लगता है उससे
प्लांट लगवा सकते हैं।
1 कनाल और उससे अधिक के हर घर पर सोलर प्लांट लगाना अनिवार्य
1 कनाल और उससे अधिक के हर नए या पुराने घर पर सोलर पावर प्लांट लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके लिए प्रशासन ने बिल्डिंग बॉयलाज में भी
बदलाव कर दिया है। अगले दो साल के अंदर सभी 1 कनाल और उससे अधिक के घर की छत पर सोलर प्लांट लगाना होगा। ऐसा नहीं करने पर प्रशासन
कार्रवाई करेगा। 10 किलोवॉट या इससे अधिक का प्लांट केलिए आवेदन करने पर किसी तरह की कोई इंस्पेक्शन नहीं होगी साथ ही कागजी प्रक्रिया से भी छूट
मिलेगी।
2022 तक 50 मेगावाट सोलर एनर्जी का लक्ष्य
2022 तक 50 मेगावाट सोलर एनर्जी का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अभी 10 मेगावाट एनर्जी ही उत्पन्न हो रही है। जिसमें साढ़े 7 मेगावाट सरकारी इमारतों
और घरों से उत्पन्न हो रही है। करीब 3 मेगावाट निजी संस्थानों और घरों से पैदा हो रही है।