आज ही के दिन 1975 को देश में इमरजेंसी की घोषणा हुई थी। इंदिरा गांधी ने हमारे देश में आपातकाल की घोषणा की थी। प्रेस की आजादी के अलावा देश के कई नामी नेताओं और लोगों को जेल में डाला गया। कैथल में रहने वाले कांग्रेस पार्टी के प्रदेश सचिव दिलबाग मोर ने भी इस दौरान 19 महीने जेल में बिताए थे। आज भी उनके जहन में आपातकाल की यादें ताजा हैं।
मोर बताते हैं कि जेल में लालकृष्ण आडवाणी, भैरो सिंह शेखावत जैसे नेताओं के साथ बीताए उन्होंने ने भी 19 महीने के समय बिताए। कहते हैं उन्हें अब भी लगता है कि जैसे यह कल की बात हो। मोर ने बताया कि इस दौरान उन्हें एक झूठे केस उम्र कैद की सजा सुनाई गई। वे रोहतक जेल में बंद थे। जेल में उन्हें नंबरदार बनाया गया था।
जेलर ने उन्हें बताया कि कुछ विशेष कैदी यहां आने वाले हैं। इसके बाद पूर्व पीएम चंद्र शेखर, लाल कृष्ण आडवाणी, चौधरी देवी लाल, भैरो सिंह शेखावत, पीलू मोदी, मुरली मनोहर जोशी, राज नारायण, भाई महावीर सिंह, बलराज, सुरेंद्र मोहन, चांद राम, मणीराम, केआर मलकानी, मधु दंडवते, डा. बीजू पटनायक, हरदवारी लाल सहित अन्य राजनेताओं को कैदी के तौर पर रोहतक जेल में लाया गया। जहां वे 19 महीने तक रहे।