विद्या की अधिष्ठात्री मां सरस्वती जम्मू कश्मीर की राजधानी श्रीनगर के अलावा हिमाचल प्रदेश के कुल्लू व अन्य गहों पर बसंत पंचमी को विराजमान होंगी। बसंत पंचमी 22 जनवरी हो है। दो सौ से भी अधिक प्रतिमाएं मूर्तिकार तैयार कर रहे हैं। चंडीगढ़ के सेक्टर-47 स्थित कालीबाड़ी और बैकुंठधाम के पास मां सरस्वती की प्रतिमाएं बनाई जा रही हैं।
मूर्तिकार पिछले दो महीनों से प्रतिमाएं बनाने में जुटे हैं। कालबाड़ी के सटे ग्राउंड में आठ इंच से लेकर 12 फीट तक की प्रतिमाएं तैयार हो रही हैं जबकि बैकुंठ घाम में डेढ़ फीट से लेकर आठ फीट तक की प्रतिमाएं बनाई जा रही हैं।
कालीबाड़ी के मूर्तिकार खेकन अधिकारी ने बताया कि 21 जनवरी को प्रतिमाएं अपने अपने स्थान पर चली जाएंगी। श्रीनगर और कुल्लु के लिए 21 जनवरी की सुबह जाएंगी। इस बार सरस्वती जी की प्रतिमाओं में कमल के फूल की बैकग्राउंड की डिमांड अधिक है। अधिकतर प्रतिमाओं में कमल के फूल के बैकग्रउंड की मांग रही है।
किसी में अन्य फूल को किसी में शंख की बैकग्राउंड है। बैकुंठ धाम परिसर में 100 प्रतिमाएं बनाई जा रही हैं। मूर्तिकार सुभाष अधिकारी ने बताया कि यहां पर डेढ़ फीट से लेकर आठ फीट तक की प्रतिमाएं बनाई जा रही हैं। प्रतिमाओं को सजाने के लिए सजावट का सामान कोलकाता से मंगाया गया है।
यहां जाएंगी प्रतिमाएं...
श्रीनगर, कुल्लू, बददी, अंबाला, सिरसा, मोहाली, चंडीगढ़ के अलावा बठिंडा, मंडीगोबिंदगढ़ और राजपुरा सहित अन्य जगहों के लोगों ने प्रतिमाओं का आर्डर दिया है।