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देव स्नान पूर्णिमा पर 108 घड़े के जल से भगवान करेंगे स्नान

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चंडीगढ़। कोरोना वायरस के चलते लॉकडाउन चल रहा है। फिलहाल 31 मई तक लॉकडाउन रहेगा। आगे क्या फैसला होगा, यह सरकार तय करेगी, लेकिन इसी लॉकडाउन और कोरोना वायरस के दौर में भगवान जगन्नाथ रथयात्रा की तैयारी भी चल रही है। सेक्टर 31 के श्री जगन्नाथ मंदिर से 23 जून को रथयात्रा निकाली जाएगी। अभी इसकी रुपरेखा पूरी तरह से तय नहीं हुई है, लेकिन भगवान जगन्नाथ पांच जून को बीमार हो जाएंगे।
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भगवान जगन्नाथ देवस्नान पूर्णिमा पांच जून को 108 घड़े पानी से स्नान के बाद बीमार हो जाएंगे। श्री जगन्नाथ मंदिर सेक्टर 31 को संचालित करने वाली संस्था उत्कल सांस्कृतिक संघ के वाइस चेयरमैन एसके भुइयां ने बताया कि ऐसा प्राचीन धार्मिक मान्यता के अनुसार है।
उन्होंने कहा कि भगवान आम भक्त की तरह दिखना चाहते हैं कि तबीयत खराब होने पर परहेज किया प्रकार किया जाता है। भगवान 20 जून को पूर्ण रूप से स्वस्थ हो जाएंगे। भगवान के बीमार होने के बाद मंदिर में चावल का भोग बंद हो जाएगा। आरती नहीं होगी। भजन कीर्तन भी बंद रहेगा। मंदिर में घंटा और घड़ियाल भी नहीं बजेगा। भगवान जगन्नाथ का इलाज जड़ी बूटियों और फलों से होगा। इस दौरान मंदिर के कपाट बंद रहेंगे। मंदिर में भगवान का दर्शन भी बंद कर दिया जाएगा। भगवान के उपचार के लिए केवल पुजारी ही रहेंगे।
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20 जून को नेत्र उत्सव
मंदिर में भगवान जगन्नाथ का 20 जून को नेत्र उत्सव होगा। मंदिर पर नया झंडा चढ़ाया जाएगा। भगवान का नयन खुलेगा। नए वस्त्र और आभूषण भगवान को धारण करवाया जाएगा।
23 जून को रथयात्रा
उत्कल सांस्कृतिक संघ के वाइस चेयरमैन एसके भुइयां ने बातया कि 23 जुलाई को सेक्टर-31 के जगन्नाथ मंदिर से रथयात्रा का शुभारंभ होगा। इस बार लॉकडाउन होने के कारण छोटी रथयात्रा निकलेगी। बहुत ही कम लोग शामिल होंगे। रथ भी छोटा होगा। भगवान श्री जगन्नाथ, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ नगर भ्रमण पर निकलेंगे। उसके बाद वे मौसी के घर चले जाएंगे। पहली जुलाई को बहुडा यात्रा होगी। उस यात्रा में भगवान मौसी के घर से मंदिर में लौटेंगे।
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