सोनाली फोगाट
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पड़ोसी बोल, तीन-चार साल से आधा घंटे के लिए ही आता था सुधीर
आसपास के लोगों ने बताया कि सुधीर के पिता जहां ठेकेदारी का काम करते हैं, जबकि पत्नी शिक्षिका हैं। साथ ही बीमार भी रहती हैं। उनका रोहतक के एक निजी अस्पताल में उपचार चल रहा है। सुधीर के तीन बच्चों को मां ही पाल रही हैं। सुधीर तो तीन-चार साल से बेहद कम आ रहा था। कभी आता तो आधा घंटे बाद ही चला जाता था। सुधीर का परिवार बेहद शरीफ है। अब सुधीर के बारे में पड़ोस के लोगों को भी ज्यादा जानकारी नहीं है।