पीजीआई की वैन हो गई कंडम : गौरतलब है कि पीजीआई में आशा ज्योति वैन-महिलाओं के लिए मोबाइल कैंसर वैन थी, जिसे कुछ साल पहले फंड की कमी के कारण बंद कर दिया गया था। यह वैन सेक्टरों और आसपास के ग्रामीण इलाकों में जाकर घर-घर जाकर कैंसर की जांच करती थी। वहीं, अब जीएमसीएच-32 की मोबाइल वैन खराब होने से महिलाओं की परेशानी और बढ़ गई है, क्योंकि पीजीआई में मरीज का दबाव होने के करण जांच के लिए लंबी डेट दी जा रही है। वहीं, विशेषज्ञों की कमी के कारण जीएमएसएच में भी सीमित संख्या में ही जांच हो रही है।