मंदीप ने मुलाकात के दौरान उन्हें प्रॉपर्टी के सारे कागजात दिखाए। उन पर विश्वास कर दीपक ने अपने मामा के साथ मिल साढ़े पांच करोड़ रुपये में सौदा कर लिया और सवा करोड़ रुपये बतौर बयाना भी दे दिया। इसके बाद उन्होंने गलाडा में कागजात चेक करने और रिकॉर्ड देखने की बात की तो आरोपी उन्हें गलाडा दफ्तर ले गए और वहां कंप्यूटर ऑपरेटर अमित और अन्य ऑपरेटर ने उन्हें रिकॉर्ड दिखाया। इसके बाद दीपक ने साढ़े पांच करोड़ का भुगतान कर दिया। ऑपरेटर अमित ने उन्हें जाली ट्रांसफर लेटर और अन्य दस्तावेज दे दिए। उन्हें 2023 मई में पता चला कि जो प्रॉपर्टी आरोपियों ने उन्हें बेची है, उसका सौदा जाली दस्तावेजों के आधार पर हुआ है। इसके बाद दीपक ने इसकी शिकायत पुलिस में की।
फरार आरोपियों की तलाश में छापे: एडीसीपी
एडीसीपी क्राइम अमनदीप सिंह बराड़ ने बताया कि पुलिस ने इस मामले में सरगना उपजीत सिंह, मंदीप सिंह, हरीश, मंजीत सिंह उर्फ जस्सा, कंप्यूटर ऑपरेटर की पत्नी मीनाक्षी उर्फ मीना को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपी पुलिस रिमांड पर हैं और उनसे पूछताछ की जा रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस इस मामले की बारीकी से जांच करने में जुटी है। कई और नाम भी सामने आ सकते हैं। जो आरोपी फरार हैं उनकी तलाश में टीमें लगातार दबिश देने में जुटी हैं।
इन लोगों को किया नामजद
शहीद भगत सिंह नगर निवासी तरुण तनेजा, दुगरी निवासी हरविंदर सिंह सचदेवा, उसके भाई परमिंदर सिंह सचदेवा, पटियाला निवासी मंदीप सिंह, बसंत एवेन्यू निवासी उपजीत सिंह, दुगरी फेस 2 निवासी नरेश कुमार शर्मा, शिमलापुरी निवासी हरजिंदर कंग, पंजाब माता नगर निवासी विजय महाजन उर्फ सोनू, दीपक अहूजा, राहों रोड निवासी लाडी, मनीष पुरी और आपरेटर अमित कुमार के साथ-साथ मीनाक्षी उर्फ मीना के खिलाफ धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।