चेताया- सरकार जितनी चाहे बैरिकेडिंग कर ले, दिल्ली पहुंचकर रहेंगे
केंद्र सरकार के कड़े रवैये के बावजूद पंजाब के हजारों किसानों ने दिल्ली कूच के लिए कमर कस ली है। अभी अलग-अलग जिलों में किसानों के धरने चल रहे हैं। किसान जत्थेबंदियों ने चेताया है कि सरकार चाहे कितनी भी बैरिकेडिंग कर ले, वे दिल्ली पहुंचकर ही रहेंगे। भारतीय किसान यूनियन क्रांतिकारी के प्रधान रणजीत सिंह सवाजपुर ने कहा कि किसान अपनी मांगों को लेकर दिल्ली में जंतर-मंतर पर धरना-प्रदर्शन करेंगे।
उन्होंने साफ कहा कि यह आंदोलन अनिश्चितकालीन है। जब तक किसानों व मजदूरों की मांगें नहीं मानी जाएंगी, तब तक यह जारी रहेगा। फिर चाहे इसके लिए किसानों को कोई भी कुर्बानी क्यों न देनी पड़े? किसानों ने काफी सब्र कर लिया लेकिन अब वह चुप नहीं बैठेंगे। किसान जत्थेबंदियों के नुमाइंदे जिस भी गांव जा रहे हैं, वहां के ग्रामीणों की तरफ से पूरा सहयोग दिया जा रहा है।
दिल्ली जाने वाले किसान के परिवार की होगी पूरी मदद
किसान नेता टहल सिंह ने कहा कि दिल्ली आंदोलन में जाने वाले किसानों के परिवारों की पीछे से पूरी मदद करने के लिए कुछ फैसले लिए गए हैं। इसके तहत अगर उस किसान के परिवार को गेहूं की खेती समेत अन्य किसी भी तरह की मदद चाहिए होगी तो संबंधित गांव के लोग करेंगे। ताकि वह किसान पूरे दिल से आंदोलन में हिस्सा ले सके।
मांगों का समर्थन लेकिन आंदोलन में शामिल नहीं: चढ़ूनी
भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने आंदोलन से खुद को अलग कर लिया है। उन्होंने कहा कि आंदोलन शुरू करने से पहले उनसे बातचीत नहीं की गई। इसलिए वह आंदोलन में शामिल नहीं होंगे। यह लड़ाई एकजुट होकर लड़ी जानी थी। हालांकि, उन्होंने किसानों संगठनों की मांगों को समर्थन किया है। वहीं, भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां के नेता सिंगारा सिंह मान का कहना है कि दिल्ली कूच का निर्णय संयुक्त किसान मोर्चा और उनकी यूनियन का नहीं है।
हरियाणा पुलिस हाई अलर्ट पर, रद्द हो सकती हैं छुट्टियां
किसानों के रुख को देखते हुए हरियाणा सरकार ने एहतियात के तौर पर पुलिस को हाई अलर्ट पर रखा हुआ है। पंजाब के साथ लगते जिलों में चौकसी बढ़ा दी गई है। सभी डीसी व एसएसपी को हर हाल में अपने जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश जारी किए गए हैं। सरकार पुलिस कर्मियों की छुट्टियां भी रद्द कर सकती है। इस बारे में पुलिस के आला अधिकारियों के बीच गुरुवार को विचार-विमर्श भी हुआ है। हालांकि अभी इसके आधिकारिक आदेश नहीं हुए हैं। शुक्रवार को इस पर फैसला हो सकता है।