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Ludhiana News: जाली दस्तावेज पर बेच दी गलाडा की करोड़ों की जमीन, अब तक पांच आरोपी हत्थे चढ़े

Fri, 09 Feb 2024 01:33 AM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना (पंजाब)

सार

इस फर्जीवाड़े में 13 से अधिक प्रॉपर्टी डीलर और कर्मचारियों को नामजद किया गया है। वहीं अब तक पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इस पूरे फर्जीवाड़े में गलाडा के कर्मचारी भी शामिल हैं। इसके अलावा कंप्यूटर ऑपरेटर की पत्नी की मिलीभगत भी सामने आई है।
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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भू-माफिया के साथ मिलकर जाली दस्तावेजों के आधार पर ग्रेटर लुधियाना डेवलपमेंट अथॉरिटी (गलाडा) की करोड़ों रुपये की जमीन व अन्य संपत्ति बेचने के मामले में पंजाब पुलिस ने गुरुवार को दो और लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बुधवार इस गिरोह का भंडाफोड़ कर तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। 

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गिरोह से जुड़े लोगों ने सारे दस्तावेज जाली तरीके तैयार करने के बाद एक एससीओ (शॉप-कम-ऑफिस) को करीब साढ़े पांच करोड़ रुपये में बेच दिया था। यह मामला सामने आने के बाद इस पूरे गिरोह का भंडाफोड़ हुआ। एडीसीपी क्राइम अमनदीप सिंह बराड़ के मुताबिक इस बड़े घपले में गलाडा के कई कर्मचारी व अधिकारी शामिल हैं। लुधियाना मॉडल टाउन एक्सटेंशन के रहने वाले दीपक कथूरिया ने पुलिस को इस मामले में शिकायत दी थी। 

दीपक कथूरिया ने अपने मामा अनिलजीत सिंह के साथ एक रेस्तरां खोलना चाहते थे। 2021 में इस मामले में आरोपी प्रॉपर्टी डीलर तरुण तनेजा ने अपने साथी प्रॉपर्टी डीलर हरविंदर सिंह सचदेवा और उसके भाई परमिंदर सिंह के साथ मिलकर दीपक कथूरिया को 105 नंबर एससीओ के बारे में बताया और वाजिब रेट पर उक्त प्रापर्टी दिलाने की बात की। जब दीपक ने प्रॉपर्टी के कागजात मांगे तो आरोपियों ने कहा कि यह प्रापर्टी पटियाला के रहने वाले मंदीप सिंह की है। 

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मंदीप ने मुलाकात के दौरान उन्हें प्रॉपर्टी के सारे कागजात दिखाए। उन पर विश्वास कर दीपक ने अपने मामा के साथ मिल साढ़े पांच करोड़ रुपये में सौदा कर लिया और सवा करोड़ रुपये बतौर बयाना भी दे दिया। इसके बाद उन्होंने गलाडा में कागजात चेक करने और रिकॉर्ड देखने की बात की तो आरोपी उन्हें गलाडा दफ्तर ले गए और वहां कंप्यूटर ऑपरेटर अमित और अन्य ऑपरेटर ने उन्हें रिकॉर्ड दिखाया। इसके बाद दीपक ने साढ़े पांच करोड़ का भुगतान कर दिया। ऑपरेटर अमित ने उन्हें जाली ट्रांसफर लेटर और अन्य दस्तावेज दे दिए। उन्हें 2023 मई में पता चला कि जो प्रॉपर्टी आरोपियों ने उन्हें बेची है, उसका सौदा जाली दस्तावेजों के आधार पर हुआ है। इसके बाद दीपक ने इसकी शिकायत पुलिस में की।

फरार आरोपियों की तलाश में छापे: एडीसीपी

एडीसीपी क्राइम अमनदीप सिंह बराड़ ने बताया कि पुलिस ने इस मामले में सरगना उपजीत सिंह, मंदीप सिंह, हरीश, मंजीत सिंह उर्फ जस्सा, कंप्यूटर ऑपरेटर की पत्नी मीनाक्षी उर्फ मीना को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपी पुलिस रिमांड पर हैं और उनसे पूछताछ की जा रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस इस मामले की बारीकी से जांच करने में जुटी है। कई और नाम भी सामने आ सकते हैं। जो आरोपी फरार हैं उनकी तलाश में टीमें लगातार दबिश देने में जुटी हैं।

इन लोगों को किया नामजद

शहीद भगत सिंह नगर निवासी तरुण तनेजा, दुगरी निवासी हरविंदर सिंह सचदेवा, उसके भाई परमिंदर सिंह सचदेवा, पटियाला निवासी मंदीप सिंह, बसंत एवेन्यू निवासी उपजीत सिंह, दुगरी फेस 2 निवासी नरेश कुमार शर्मा, शिमलापुरी निवासी हरजिंदर कंग, पंजाब माता नगर निवासी विजय महाजन उर्फ सोनू, दीपक अहूजा, राहों रोड निवासी लाडी, मनीष पुरी और आपरेटर अमित कुमार के साथ-साथ मीनाक्षी उर्फ मीना के खिलाफ धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
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