गीतांजलि हत्याकांड में बुधवार को सीबीआई की विशेष अदालत ने बचाव पक्ष की ओर से दायर की गई याचिका पर गौर करते हुए क्राइम स्पॉट की वीडियोग्राफी व फोटो पेश करने के आदेश दिए हैं। बचाव पक्ष ने क्राइम स्पॉट पर हुई वीडियोग्राफी एवं फोटो उपलब्ध कराने की मांग की थी। 17 जुलाई 2013 को गीतांजलि का शव गुड़गांव पुलिस लाइन के पार्क में मिला था और शव के पास निलंबित जज रवनीत गर्ग की रिवॉल्वर भी मिली थी। रवनीत गर्ग के वकील विशाल गर्ग नरवाना ने बताया कि गीतांजलि हत्याकांड में सीबीआई द्वारा जो दस्तावेज पेश किये गए थे, उनमें से कुछ दस्तावेज नहीं थे और उनके द्वारा मिसिंग दस्तावेज सीबीआई कोर्ट में पेश करने को लेकर याचिका लगाई थी।
मामला 7 जुलाई 2013 का है। आरोपी सीजेएम की पत्नी गीतांजलि की हत्या गोली लगने से हुई थी और मृतका के परिजनों की शिकायत पर सीजेएम रवनीत गर्ग और उनकी मां समेत अन्य पर दहेज हत्या का मामला दर्ज हुआ था। 8 सितंबर 2016 को आरोपी पति रवनीत गर्ग को सीबीआई ने कैथल से गिरफ्तार कर पंचकूला सीबीआई कोर्ट में पेश कर 5 दिन के रिमांड पर लिया था। तब से रवनीत गर्ग जेल में हैं।
बचाव पक्ष ने घटनास्थल की फोटो एवं वीडियो रिकॉर्डिंग की सीडी जिसमें एक चली हुई गोली दिखाई दे रही है, साथ ही पोस्टमार्टम की भी रिकॉर्डिंग की मांग की थी। इसके अलावा घटना के तुरंत बाद पुलिस द्वारा रवनीत गर्ग के बयानों की कॉपी भी मांगी गई है। बुधवार का सीबीआई की विशेष अदालत ने सुनवाई के दौरान वीडियोग्राफी से संबंधित दस्तावेज सौंपने की इजाजत दे दी है।