गुड़गांव के बहुचर्चित गीतांजलि हत्या मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की विशेष अदालत ने बुधवार को निलंबित सीजेएम रवनीत गर्ग की जमानत याचिका खारिज कर दी। सीबीआई ने पहले ही गर्ग की याचिका का विरोध किया था।
सीबीआई ने याचिका पर जवाब दाखिल करते हुए कहा था कि आरोपी काफी पावरफुल है और वह सबूतों से छेड़छाड़ कर सकता है। इसलिए जमानत न दी जाए। चार जनवरी को पंचकूला स्थित केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की विशेष अदालत में रवनीत गर्ग ने नियमित जमानत के लिए याचिका दाखिल की थी। इस पर अदालत ने सीबीआई को नोटिस जारी कर जवाब देने को कहा था। मामले में रवनीत गर्ग के पिता व सेवानिवृत्त सेशन जज कृष्ण गर्ग एवं माता रचना गर्ग भी आरोपी हैं। जिन्हें कोर्ट से पहले ही नियमित जमानत मिल चुकी है।
सीबीआई ने इस केस में रवनीत गर्ग, केवल कृष्ण गर्ग एवं रचना गर्ग पर दहेज हत्या, क्रूरता एवं आपराधिक षड्यंत्र रचने की चार्जशीट दाखिल की है। रवनीत गर्ग पर शस्त्र अधिनियम के भी चार्ज लगाए हैं। रवनीत कई दिन से जेल में बंद है। सीबीआई ने झूठ का पता लगाने और तत्कालीन सिविल जज सीनियर डिवीजन रवनीत गर्ग की ब्रेन मैपिंग में कई विसंगतियां पाने के बाद आठ सितंबर 2016 को गिरफ्तार किया था।