बेशक हरियाणा सरकार महिलाओं की सुविधा और सुरक्षा का दम भरती हो। नारी शक्ति की हिफाजत के लिए नित नए नियम कानून बनाती हो, लेकिन प्रदेश की 60 फीसदी इससे अनजान है। हाल ही में लांच दुर्गा शक्ति एप की बात करें तो पंचकूला शहर की करीब 60 फीसदी महिलाओं को इसके बारे में जरा भी जानकारी नहीं है, यह एप है क्या और कैसे काम करती है, महिलाओं को दूर-दूर तक इस कोई जानकारी नहीं है।
इसका खुलासा अमर उजाला की एक सप्ताह की रियलिटी चेक में हुआ है। शहरी और ग्रामीण क्षेत्र की करीब 100 महिलाओं और स्कूली छात्राओं से जब अमर उजाला की टीम ने बात की, तो उसमें से महज 40 फीसदी महिलाओं को एप की जानकारी थी। महिलाओं का कहना है कि इस एप को लेकर सरकार और पुलिस प्रशासन को जागरूकता अभियान चलाना चाहिए।
ऐसे मिलेगी एप से मदद
यह एप महिलाओं को किसी भी क्षेत्र में हो रही परेशानी में मदद करेगा। यदि कोई महिला कॉल करने की स्थिति में नहीं है, तो दुर्गा शक्ति एप में पैनिक बटन मौजूद है। इस पैनिक बटन को दबाने के 5 मिनट बाद पीसीआर रिस्पॉन्स देगी। इस एप का अगला वर्जन कॉल करने वाले के स्थान को ट्रैक करने में भी सक्षम होगा।
शिकायत मिलते ही मौके पर पहुंचती है पुलिस
सेक्टर 5 स्थित महिला थाने की एसएचओ सुनीता ने बताया कि 15 जुलाई से अब तक प्रदेश भर से 200 शिकायतें आ चुकी हैं, जिसमें महिलाओं की अधिकतम शिकायत फोन पर तंग करने व पारिवारिक झगड़े से संबंधित रही। जैसे ही महिलाएं हमसे संपर्क करती है, पुलिस शिकायत मिलने वाले स्थान पर पहुंच जाती है। यदि मामला दूर का हो तो तो संबंधित थाने में फोन कर तुरंत कार्रवाई करने को कहा जाता है। 100 में से 10 से 20 प्रतिशत केस ही ऐसे होते हैं, जिन्हें सुलझाने में थोड़ा समय लग जाता है ।
हम लड़कियों व महिलाओं में जागरूकता फैलाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहे हैं। हम अलग-अलग स्कूल-कालेज में जाकर कैंपेन चला रहे है।
- नूपुर, एसीपी पंचकूला
पुलिस को महिला संगठनों के साथ मिलकर जागरूकता फैलानी चाहिए, क्योंकि हमें दुर्गा मुहिम का तो पता है, लेकिन उसमें है क्या ये नहीं।
- सुमन, सेक्टर 16 निवासी
पुलिस प्रशासन ने एप तो लांच कर दी, लेकिन इस्तेमाल कैसे करते है। यह हमें मालूम तक नहीं। इसलिए पुलिस को महिलाओं को बताना चाहिए की वह एप का इस्तेमाल कैसे कर सकती है।
- पूनम, सेक्टर 19 निवासी
स्कूल और कालेज में जाने की बजाय सेक्टरों में जागरूकता फैलाई जानी चाहिए। कालेज में पढ़ रहे स्टूडेंट्स को फेन व एप का नॉलेज होता है, लेकिन महिलाओं को नही।
- बलविंदर, सेक्टर 5 निवासी