जालंधर के 2011 में हुए बहुचर्चित गुरकीरत गिक्की हत्याकांड के 4 दोषियों को अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई।
जिला व सत्र न्यायाधीश एसके गर्ग की अदालत ने जालंधर के पूर्व अकाली पार्षद समेत चार दोषियों पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। अदालत ने इस केस में लगाई गई धारा 302 को हटाकर केवल धारा 304 (1) के तहत सजा सुनाई।
21 अप्रैल 2011 की रात करीब 12.45 बजे गुरकीरत सिंह उर्फ गिक्की पुत्र राहत सिंह कार से घर लौट रहा था।
इसी दौरान उसकी हत्या कर दी गई थी। डिवीजन नंबर-6 जालंधर की पुलिस ने जांच के बाद चार आरोपियों तत्कालीन अकाली पार्षद रामसिमरनजीत सिंह मक्कड़, अमरदीप सिंह उर्फ सन्नी, जसदीप सिंह और अमरप्रीत सिंह उर्फ प्रिंस सभी निवासी जालंधर के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया था।
केस जालंधर में चल रहा था लेकिन मृतक के परिजनो ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में केस को किसी अन्य जिले में ट्रांसफर करवाने की गुहार लगाई थी।
सुनवाई के बाद अदालत ने केस गुरदासपुर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में भेज दिया गया। तब से केस की सुनवाई गुरदासपुर में हो रही थी और आरोपियों को भी गुरदासपुर जेल में ही रखा गया था।
सोमवार को केस की सुनवाई करते हुए जिला व सत्र न्यायाधीश गुरदासपुर एसके गर्ग ने पुलिस की ओर से लगाई धारा 302 को हटाकर धारा 304 (1) के तहत चारों आरोपियों को उम्रकैद की सजा और दस दस हजार रुपये का जुर्माना लगाया।
युवक के परिवार की ओर से 14 गवाह अदालत में पेश किए गए थे। आरोपी पक्ष ने अपने पक्ष में 24 गवाहियां करवाईं।