संवाद न्यूज एजेंसी
जीरकपुर। जीरकपुर और डेराबस्सी को जोड़ने वाले घग्गर काज-वे के निर्माण कार्य का सोमवार को उद्घाटन होगा। इस परियोजना पर 29.44 करोड़ रुपये खर्च होंगे और यह डेढ़ साल में बनकर तैयार होगा। यह काज-वे दोनों शहरों के बीच आवागमन के लिए एक वैकल्पिक संपर्क मार्ग उपलब्ध कराएगा। इससे आसपास के एक दर्जन से अधिक गांवों के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। यह नया पुल नगला, सनोली, मुबारिकपुर, त्रिवेदी कैंप, भांखरपुर, सुंडरा, पंडवाला और ककराली समेत आसपास के गांवों के लोगों को जीरकपुर और डेराबस्सी की ओर जाने के लिए सीधा मार्ग देगा। ढकोली, पीरमुछल्ला और किशनपुरा जैसे जीरकपुर से जुड़े क्षेत्रों के लोगों को भी डेराबस्सी जाने के लिए सुविधाजनक रास्ता मिलेगा। इससे रोजाना कामकाज के लिए दोनों शहरों में आने-जाने वाले लोगों का समय बचेगा। नौकरीपेशा लोगों के अलावा कारोबारियों, विद्यार्थियों और अन्य जरूरी कामों से सफर करने वालों को भी इसका लाभ मिलेगा। विधायक कुलजीत सिंह रंधावा ने कहा कि यह उनके हलके की सबसे जरूरी मांग थी। उन्होंने बताया कि पुल बनने से कई गांवों का शहरों से सीधा संपर्क स्थापित होगा। इससे ग्रामीणों का समय और परेशानी दोनों बचेंगे।
जीरकपुर और डेराबस्सी के बीच आवागमन होगा आसान
घग्गर काज-वे बनने से जीरकपुर और डेराबस्सी के बीच रोजाना सफर करने वाले नौकरीपेशा लोगों को सुविधा मिलेगी। अभी उन्हें दोनों शहरों के बीच आने-जाने के लिए लंबा रास्ता तय करना पड़ता है। यह नया मार्ग उनके लिए सीधा रास्ता बनेगा। इससे कार्यालय पहुंचने और वापस घर लौटने में लगने वाली दूरी और समय में कमी आएगी। खासकर सुबह और शाम के व्यस्त समय में कर्मचारियों को लंबी दूरी तय करने से राहत मिलेगी। कम दूरी होने पर दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों के ईंधन की भी बचत संभव है।
गांवों को मिलेगी बड़ी राहत
घग्गर काज-वे बनने के बाद आसपास के गांवों से जीरकपुर और डेराबस्सी की ओर आने-जाने वाले लोगों को बेहतर संपर्क मार्ग मिलेगा। नगला, सनोली, मुबारिकपुर, त्रिवेदी कैंप, भांखरपुर, सुंडरा और ककराली समेत आसपास के गांवों के लोगों के लिए दोनों शहरों तक पहुंच आसान होगी। वहीं ढकोली, पीरमुछल्ला और किशनपुरा जैसे जीरकपुर से जुड़े क्षेत्रों के लोगों को डेराबस्सी की ओर जाने के लिए सुविधाजनक सीधा मार्ग उपलब्ध होगा। काज-वे बनने से गांवों के लोगों को बाजार, स्कूल, अस्पताल, सरकारी कार्यालय और अन्य जरूरी सेवाओं तक पहुंचने में सुविधा होगी।
पुराने रास्ते की कहानी
जीरकपुर और डेराबस्सी के बीच घग्गर नदी पार करने के लिए कभी कच्चा रास्ता ही सहारा था। मॉनसून के मौसम के दौरान घग्गर का जलस्तर बढ़ने पर रास्ते पर पानी भर जाता था। इसके चलते आवागमन पूरी तरह से बंद हो जाता था। इस समस्या के समाधान के लिए वर्ष 2017 में यहां एक काज-वे बनाया गया। हालांकि, मॉनसून में पानी का बहाव बढ़ने पर काज-वे से आवागमन प्रभावित होता रहा। अब यहां पक्का पुल बनने से घग्गर का पानी सड़क के ऊपर से गुजरने के बजाय पुल के नीचे से निकलेगा। इससे जलभराव के कारण रास्ता बंद होने की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है।