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Chandigarh News: डेयरी संचालक करवाएं पंजीकरण, नहीं तो भरना होगा जुर्माना

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पंचकूला। नगर निगम क्षेत्र में चल रही डेयरी संचालकों को अब नगर निगम में पंजीकरण कराना होगा। अगर कोई उल्लंघन करता पाया गया तो उसके ऊपर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।
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नगर निगम आयुक्त आईएएस सचिन गुप्ता ने बैठक के दौरान बताया कि पंचकूला नगर निगम क्षेत्र में अधिकांश डेयरी मालिक अनियमित तरीके से डेयरी चला रहे हैं। वह मवेशियों के गोबर को खुले स्थानों, सड़कों पर या सीवर लाइनों की नालियों में फेंक कर निस्तारित करते हैं। इससे गोबर सीवर लाइन की सफाई क्षमता को कम कर देता है और सीवरेज प्रणाली को अवरुद्ध कर देता है। इससे न केवल सड़कों पर सीवरेज का पानी बह जाता है बल्कि दुर्गंध भी फैलती है। इसके परिणाम स्वरुप बीमारियों के फैलने का कारण भी बनता है और सार्वजनिक प्रदूषण पैदा करता है। आयुक्त ने बताया कि मवेशियों का गोबर सीवर लाइनों में मीथेन गैस भी उत्पन्न करता है जो सीवर लाइनों का रख रखाव करने वाले श्रमिकों के लिए वास्तविक जीवन का खतरा पैदा करता है।
मवेशी गोबर प्रबंधन नीति तैयार
शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने नगर निगम क्षेत्र में मवेशियों के गोबर के वैज्ञानिक निपटान के लिए मवेशी गोबर प्रबंधन नीति तैयार की है। इस नीति के अनुसार मवेशियों के गोबर का वैज्ञानिक निपटान जनरेटर की प्रमुख जिम्मेदारी है और उन्हें सार्वजनिक सूचना जारी होने से 30 दिन की अवधि के भीतर संबंधित नगर निगम के साथ खुद को पंजीकरण कराना होगा। इसके लिए पंजीकरण फार्म नगर निगम की वेबसाइट पर उपलब्ध है। नगर निगम अपने स्तर पर सामान्य सुविधा के निर्धारित स्थान पर मवेशियों के गोबर के संग्रहण परिवहन और वैज्ञानिक निपटान की व्यवस्था करेगा और प्रदूषण भुगतान सिद्धांत के आधार पर गणना के अनुसार जनरेटर से शुल्क लेगा।
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