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डांस वीडियो को लेकर विवादों में घिरी अमीषा पटेल, जगद्गुरु शंकराचार्य बोले- कानूनी कार्रवाई करो

Mon, 09 Dec 2019 09:27 AM IST
खुशबू गोयल राजेश शांडिल्य, अमर उजाला, कुरुक्षेत्र(हरियाणा)
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अमीषा पटेल, जगद्गुरु शंकराचार्य - फोटो : फाइल फोटो
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बॉलीवुड अभिनेत्री अमीषा पटेल एक बार फिर सुर्खियों में है। उनका एक डांस वीडियो वायरल हुआ है, जिसे लेकर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की बात कही गई है। दरअसल, हिन्दू धर्म के अवतारों पर आधारित नृत्य निक्कर में करना उनके गले की फांस बन सकता है। इस बार अमीषा पटेल पर सीधी और तल्ख प्रतिक्रिया जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम जी महाराज ने अमर उजाला से विशेष बातचीत के दौरान दी।
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जगद्गुरु शंकराचार्य अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के दौरान श्री जयराम आश्रम में आयोजित 47 कन्याओं के सामूहिक विवाह समारोह में आशीर्वाद देने के लिए पहुंचे थे। इस कार्यक्रम के उपरांत बातचीत में उन्होंने कहा कि अश्लीलता और भौंडेपन के लिए हिन्दू सनातन परंपरा में कोई स्थान नहीं है। यदि ऐसा किसी के द्वारा किया गया है तो वह निंदनीय है। साथ ही जो आयोजक है, उनकी भूमिका और सूझबूझ पर भी प्रश्नचिह्न लगता है और वे शक के दायरे में आते हैं।

उन्होंने कहा कि इस तरह की छवि और कृत्य करने वाले लोगों को गरिमापूर्ण कार्यक्रमों में प्रस्तुति देने के लिए बुलाना ही नहीं चाहिए था। अगर ऐसा होता है तो हिन्दू धर्मावलंबियों को इसका बहिष्कार करना चाहिए। हिन्दू संस्कृति को खराब करने वाले ऐसे लोग चिह्नित होने चाहिएं। जगद्गुरु शंकराचार्य ने चिंता जाहिर करते हुए कहा कि इस तरह हिन्दू संस्कृति और धर्म का गीता जैसे विश्वग्रंथ की जयंती पर कृत्य सहन नहीं होगा। गीता कोई साधारण नहीं है, यह विश्वज्ञान कोष है।
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उस विश्वज्ञान कोष के कार्यक्रम में इस तरह का छिछोरापन होना निंदनीय है। उन्होंने कहा कि अगर किसी भी स्तर पर ऐसा किया जा रहा है तो हिन्दू समाज के रक्षकों और बुद्धिजीवी वर्ग को इसका ना केवल बहिष्कार करना चाहिए, बल्कि ऐसे तत्वों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी होनी चाहिए।
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अध्यात्म, आस्था, संस्कार और संस्कृति के मेले में अमीषा पटेल ने श्रीकृष्ण-रुकमणि पर आधारित ड्रांस ड्रामा अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के मुख्य मंच पर प्रस्तुत किया। दुर्भाग्यपूर्ण यह रहा है कि इस प्रस्तुती से ठीक पहले इसी धार्मिक म्यूजिकल डांस ड्रामा की वायरल हुई वीडियो में अमीषा पटेल निक्कर में रिहर्सल करतीं दिख रहीं हैं।

नतीजन दर्शक दीर्घा में बैठे कुछ युवा अमीषा पटेल की धार्मिक प्रस्तुती के दौरान हुटिंग और सीटियां बजाकर शोरगुल करते दिखे। हालांकि उस समय अभिनेत्री अमीषा पटेल भारतीय संस्कृति के अनुकूल आकर्षक परिधान में धार्मिक मंच की गरिमानुसार ही डांस-ड्रामा की प्रस्तुति दे रहीं थीं।

ड्रांस ड्रामा से पहले खूब वायरल हुई वीडियो का असर यह रहा है कि विशुद्ध धार्मिक प्रस्तुति के बावजूद दर्शक दीर्घा में बैठे युवाओं की सीटियां किसी फिल्म के दृश्य पर दी जाने वाली प्रतिक्रिया जैसी रही। यहां बता दें कि कुरुक्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के दौरान 2016 और 2018 में हेमा मालिनी और लगान फेम ग्रेसी सिंह व अन्य कलाकार भी ड्रांस ड्रामा प्रस्तुत कर चुके हैं, लेकिन दर्शक दीर्घा से ऐसी प्रतिक्रिया पहले कभी नहीं देखी गई।

यह घटना सीधे तौर पर इस धार्मिक आयोजन की गरिमा से जुड़ी है, लेकिन जिस तरह से एक धार्मिक नृत्य की प्रस्तुति देने से पहले बालीवुड की बहुचर्चित फिल्म कहो ना प्यार है और गदर फेम अमीषा पटेल का निक्कर पहन कर रुकमणि के गीत पर रिहर्सल का वीडियो वायरल किया गया, इससे धर्मगुरुओं और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों और भारतीय संस्कृति में आस्था रखने वाले लोगों में गुस्सा है। एक दिन पहले गुरदास मान की प्रस्तुति में कई बार ऐसे बोल सुनाई दिये, जो धार्मिक आयोजन के मंच की गरिमा के अनुकूल नहीं थे।

बहरहाल श्रीकृष्ण और रुकमणि पर आधारित डांस ड्रामा की रिहर्सल का वायरल हुआ वीडियो आयोजकों की जमकर कर किरकरी करा रहा है। यह वीडियो किस मंशा से वायरल किया गया? और क्यों वायरल हुआ? इसका जवाब कल अमीषा पटेल की टीम के मैनेजर से मांगा गया था, लेकिन वह कन्नी काट कर आगे बढ़ गये। इस संदर्भ में महंत बंसीपुरी का कहना है कि यह बहुत बड़ी खामी है। उन्हें भी इसकी जानकारी दी गई थी।
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