पंद्रह साल बाद पाकिस्तान से भारत लौटी गीता ने परिवार होने का दावा करने वाले परिवार को नहीं पहचाना। गीता के इंकार से परिवार मायूस है। दरअसल लुधियाना में रह रहे जनार्दन महतो परिवार का दावा है कि गीता उसकी खोई हुई बेटी है।
लेकिन भारत लौटी गीता ने उसे नहीं पहचाना। इससे महतो परिवार मायूस है। अब सभी को डीएनए टेस्ट की रिपोर्ट का इंतजार है। परिजनों का अभी भी दावा है कि डीएनए में सारा सच सामने आ जाएगा। गीता के परिजनों ने कुछ दिन दिल्ली में ही रहने का फैसला किया है, ताकि वे गीता से फिर मिल कर उसे पुरानी यादों के जरिए भरोसा दिला सकें।
गीता के भाई होने का दावा कर रहे मनोज का कहना है कि सोमवार को उनको, उनके पिता जनार्दन महतो, मां और भाई से गीता को मिलवाया गया, लेकिन गीता ने किसी को नहीं पहचाना। इससे उन्हें काफी हैरानी और मायूसी हुई।
काबिलेजिक्र है कि महतो परिवार की जो फोटो पाकिस्तान भेजी गई थी, उसमें गीता ने उनको पहचान लिया था। लेकिन गीता की शादी और बेटे को लेकर महतो परिवार व गीता के अलग-अलग दावे सामने आने के बाद दुविधा पैदा हो गई थी।