चंडीगढ़ में इंद्रजीत सहित करीब 80 हिंदू ऐसे हैं, जिन्होंने पिछले सात महीने के दौरान अपनी मर्जी से धर्म परिवर्तन कर सिख धर्म को अपनाया हैं। नेपाल के मूल निवासी इंद्रजीत तीन साल पहले लुधियाना से अपनी पत्नी का इलाज कराने पीजीआई पहुंचे थे।
उनकी पत्नी को पैरालिसिस था। इलाज काफी लंबा चलना था, इसलिए वे पीजीआई में बने गुरुद्वारे में रुक गए। गुरुद्वारे में आने वाले हर मरीज को रहने का आसरा और खाने को लंगर मिलता है। इंद्रजीत भी गुरुद्वारे की कारसेवा में जुट गए। जो भी यहां आता, उनकी खूब सेवा करते।
बदले में उनको व उनकी पत्नी को यहां पर रुकने का आसरा मिला। कुछ ही महीने पहले उसकी पत्नी अपने पैरों पर खड़ी होने लगीं। तीन साल तक गुरुद्वारे ने दंपति को रहना और खाना दिया। इससे प्रभावित होकर उन्होंने कुछ माह पहले अमृत छक कर सिख धर्म अपना लिया।
अमर उजाला से बातचीत में लोगों ने बताया कि वे किसी के दबाव में बल्कि सेवाभाव, सम्मान और अंतरात्मा की आवाज सुनकर सिख बने हैं। गुरुद्वारे में सिर्फ हिंदू ही नहीं बल्कि मुस्लिम धर्म के भी लोग रहते हैं।
सहारनपुर से अपनी पत्नी अनीसा का इलाज कराने पहुंचे फैयाज अहमद ने बताया कि आज के जमाने में छत मिलना मुश्किल है। गुरुद्वारे में वे पिछले एक हफ्ते से रह रहे हैं, उन्हें न सिर्फ रहने को कमरा मिला बल्कि खाना और बिस्तर भी मिला है।