मेजर जनरल जीडी बख्शी के अनुसार मंगलवार की सुबह वायुसेना के 12 एयरक्राफ्ट ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया है। तीन टारगेट को निशाने पर लिया गया। हर टारगेट को खत्म करने की जिम्मेदारी 4 एयरक्राफ्ट को दी गई। इस कार्रवाई के दौरान जिन हथियारों का इस्तेमाल किया गया है, वह कारगिल युद्ध के समय भी इस्तेमाल किए गए थे।
उस समय भी उन्होंने दुश्मनों को भागने के लिए मजबूर कर दिया था। पहले देश के टारगेट पर आतंकी आका मसूद था, लेकिन पाकिस्तान सेना ने उसे छुपा लिया है। ऐसे में बालाकोट को टारेगट पर लिया गया। जहां मसूद का साला आतंकवादियों को ट्रेनिंग दे रहा था। हमारा यह हमला न्यायपूर्ण था।
इस कार्रवाई के दौरान हम पाकिस्तान सेना को भी टारगेट कर सकते थे। लेकिन हमारी वायुसेना ने ऐसा नहीं किया है। इससे पाकिस्तान यह न समझे कि भारत ऐसा कुछ नहीं कर सकता है।