स्वच्छता सर्वेक्षण में चंडीगढ़ की रैंकिंग सुधारने के नगर निगम के प्रयासों को अधिकारी ही पलीता लगा रहे हैं। ताजा मामला सेक्टर-19 का है। यहां महीनों से पड़े कूड़े की शिकायत स्वच्छता एप पर की गई तो निगम के कर्मचारी जेसीबी और कूड़ा गाड़ी लेकर मौके पर पहुंचे लेकिन कूड़ा उठाने से पहले ही एक अधिकारी ने कह दिया कि यह इलाका उनका नहीं है। इतना सुनते ही कर्मचारी बिना कूड़ा उठाए लौट गए।
प्रशासन और नगर निगम के कार्यक्षेत्र के विवाद में अक्सर लोगों के काम अटक जाते हैं। दोनों एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालते हैं और शिकायतकर्ता ठगा सा महसूस करता है। सेक्टर-19 निवासी रामवीर ने बताया कि सेक्टर-19 सी में एसडी पब्लिक स्कूल और 2241 मकान नंबर के बीच में खाली जगह है। यहां कूड़े का ढेर लगा है, जिसे वह दो महीने से देख रहे हैं। आठ अगस्त को उन्होंने नगर निगम के स्वच्छता एप पर फोटो के साथ इसकी शिकायत की।
कुछ दिन बाद नगर निगम की टीम कूड़ा हटाने के लिए जेसीबी, कूड़ा गाड़ी व अन्य सामान के साथ पहुंचे लेकिन निगम के एक अधिकारी ने कहा कि यह जगह नगर निगम के अंतर्गत नहीं आती। इसके बाद सभी बिना कूड़ा उठाए लौट गए और एप पर लिख दिया गया कि साइट एमसीसी रोड विंग में नहीं आती है। इसके साथ शिकायत हल कर दी गई। जवाब में लिखा कि साइट पर स्क्रैप मैटेरियल, निर्माण का मलबा, हॉर्टिकल्चर वेस्ट, अनसर्विसेबल टॉयलेट आदि पड़ा है और कहा कि प्रशासन के जेई को बता दिया गया है। कुछ दिन बाद हॉर्टिकल्चर विभाग के कर्मी कुछ हॉर्टिकल्चर वेस्ट ले गए। कुछ अन्य कर्मी निर्माण का मलबा ले गए लेकिन कूड़ा जस का तस पड़ा है।
अब तक नहीं उठा पूरा कूड़ा
शिकायत को कई दिन बीत चुके हैं लेकिन मौके से अब तक पूरा कूड़ा नहीं उठा है। शिकायतकर्ता ने बताया कि पास में कुछ दिन पहले सीवर ठीक किया गया था। उसका मलबा भी आज तक वहीं पड़ा है। सरकारी स्कूल के पास भी सीवर डाला गया था, वहां भी मिट्टी का ढेर पार्क में छोड़ दिया गया। शिकायतकर्ता ने कहा कि आम आदमी को क्या पता कि कौन की जगह प्रशासन के पास है और कौन सी जगह नगर निगम के पास। अगर शिकायत केंद्र बनाया गया है और कोई नागरिक उस पर कोई शिकायत करता है तो शिकायत उसी विभाग के पास जानी चाहिए, जिसकी जिम्मेदारी बनती है। आम लोगों को क्षेत्राधिकार के विवाद में फंसा कर परेशान किया जा रहा है।
जो भूमि जिस विभाग के पास है, सफाई की जिम्मेदारी भी उसी की होती है। इस संबंध में बैठकों के दौरान भी यह चर्चा हो चुकी है। -आनिंदिता मित्रा, आयुक्त, नगर निगम
कूड़ा उठाना प्रमुख रूप से नगर निगम की जिम्मेदारी है। दक्षिणी सेक्टरों में प्रशासन के जो साइट खाली पड़े हैं, वहां से कूड़ा उठाना और घासों की कटाई हम कर रहे हैं। फिर भी सेक्टर-19 में ऐसी कोई समस्या है तो उसे दूर करेंगे।
- सीबी ओझा, चीफ इंजीनियर, चंडीगढ़ प्रशासन