32 बोर की पिस्तौल 20 हजार में मिलती है। यदि किसी को पिस्तौल खरीदनी होती है तो गिरोह का गुर्गा मोबाइल पर बात करते हुए कहता है कि हरियाणा से एसआई बोल्यू सूं, आरोपी को पकड़नै आवां सा, तैयार रहिये। इसका मतलब है कि जिस 32 बोर की पिस्तौल का आर्डर दिया था, उसे तैयार रखो, कुछ ही देर में लेने आ रहा हू। पिस्तौल 15 से बीस हजार में उपलब्ध कराई जाती है।
तीन से 5 हजार में मिलता है तमंचा
यदि तमंचा खरीदना होता है तो उसके लिए कॉल करके कहा जाता है कि हरियाणा से हेड कांस्टेबल बोल्यू सूं, आरोपी को पकड़नै चलना सै, बस तैयार रहे, कुछ देर में आ रहा हूं। तीन से पांच हजार में तमंचा उपलब्ध कराया जाता है।
रिवॉल्वर के लिए चुकाने पड़ते हैं 12 हजार तक
यदि रिवॉल्वर खरीदना होता है तो उसके लिए कहा जाता है कि एएसआई बोल्यू सूं, आरोपी को पकड़ना सै, जल्द तेरे पास आ रहा हूं। तैयार रखियो। रिवॉल्वर 8 से 12 हजार में उपलब्ध कराई जाती है।
आरोपी ने पूछताछ में खुलासा किया है कि हाल ही में वेस्ट यूपी के कैराना से पचास हजार में हथियार खरीदे गए थे। जिनमें पिस्तौल से लेकर तमंचे शामिल थे। इन्हीं हथियारों से हरियाणा के रिटायर्ड एसआई हुकम चंद को गोली मारकर घायल किया गया था।
हथियार सप्लायरों का ब्योरा तैयार कराया जा रहा है। इसमें अधिकतर यूपी के सप्लायर शामिल हैं। जल्द ही सभी पुलिस की गिरफ्त में होंगे। - प्रशांत कुमार, प्रभारी सीआईए-1