संवाद न्यूज एजेंसी
चंडीगढ़। सेक्टर-26 पिछले कुछ वर्षों से गैंगस्टरों की गतिविधियों का केंद्र बनता जा रहा है। यहां पर क्लबों के बाहर बम धमाके, फायरिंग, रंगदारी की मांग और अन्य आपराधिक घटनाएं सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही हैं। 26 नवंबर 2024 को दो क्लबों के बाहर बम धमाके की दहशत आज भी बनी है। सेक्टर में शहर के कई प्रमुख क्लब हैं जो लंबे समय से गैंगस्टरों के निशाने पर हैं।
सेक्टर-26 के आसपास पुलिस थाना, आतंकी शिकंजा कसने के लिए ऑपरेशन, डीएसपी ऑफिस, बापूधाम पुलिस चौकी, दो से तीन बीट बॉक्स और पुलिस लाइन तक मौजूद हैं। यहां से कुछ दूरी पर राजभवन भी स्थित है, जो सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इतने भारी पुलिस सुरक्षा इंतजाम होने के बावजूद गैंगस्टर बिना किसी डर के यहां पर वारदात को अंजाम दे रहे हैं। लोगों का कहना है कि हाई-सिक्योरिटी जोन होने के बावजूद सेक्टर-26 सुरक्षित नहीं लगता।
डीएसपी के लिए बड़ी चुनौैती
हाल ही में चरणजीत विर्क को ईस्ट डिवीजन का चार्ज सौंपा गया था और उनके लिए यह पहला दिन था, जब सेक्टर-26 में एक बड़ी वारदात सामने आई। चरणजीत विर्क इससे पहले कई महत्वपूर्ण मामलों को सुलझा चुके हैं लेकिन सेक्टर-26 में गैंगस्टरों की ओर से लगातार की जा रही वारदात उनके सामने बड़ी चुनौती है।