कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा।
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कांग्रेस की कथनी-करनी उजागर: अमन अरोड़ा
अमन अरोड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री किसी आवश्यक व्यस्तता के कारण नहीं आ सके, इसलिए पार्टी नेतृत्व की ओर से वह हरपाल सिंह चीमा और मीत हेयर के साथ यहां पहुंचे। आज जो भी आजादी और अधिकार हमें मिले हैं वे शहीदों के बलिदान की देन हैं। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए अरोड़ा ने कहा कि पार्टी की आंतरिक कलह ने उसकी कथनी-करनी उजागर कर दी है। गैंगस्टरवाद एक दिन में खत्म होने वाली बीमारी नहीं है। यह समस्या पिछली सरकारों की गलत नीतियों का नतीजा है। मौजूदा सरकार में किसी भी मंत्री या विधायक ने गैंगस्टर या नशा तस्कर को संरक्षण नहीं दिया है।
कांग्रेस, अकाली दल और भाजपा ने पंजाब को लूटा- सीएम मान
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोमवार को अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे क्षेत्र अजनाला में 15 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले सरकारी डिग्री कॉलेज का शिलान्यास किया। इस दौरान भगवंत सिंह मान ने कहा कि कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल और भाजपा ने दशकों तक आपसी मिलीभगत से पंजाब की अंधाधुंध लूट की, राज्य की संस्थाओं को खोखला किया और युवाओं को रोजगार की तलाश में विदेश जाने के लिए मजबूर किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नया कॉलेज आम आदमी पार्टी की सरकार की शिक्षा को मजबूत करने, रोजगार के अवसर पैदा करने और जनभागीदारी के माध्यम से पंजाब को फिर से “रंगला पंजाब” बनाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इस कॉलेज का नाम सम्मानित शख्सियत बाबा गमचुक्क जी महाराज के नाम पर रखा जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां राज्य सरकार हर संभव सुविधा और संस्थागत सहयोग प्रदान करेगी, वहीं हर पंजाबी का भी यह कर्तव्य है कि वह अपनी क्षमता के अनुसार योगदान दे, ताकि पंजाब को फिर से “रंगला पंजाब” बनाया जा सके और हमारे बच्चों को बेहतर भविष्य की तलाश में देश छोड़ने के लिए मजबूर न होना पड़े। इन पारंपरिक पार्टियों के भीतर आपसी कलह चरम पर है, क्योंकि इनके पास जनता के कल्याण के लिए कोई ठोस एजेंडा नहीं है। विपक्ष के पास पंजाब के लिए कोई एजेंडा नहीं है। वे केवल जनता और राज्य के संसाधनों को लूटने की अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। उनके मंसूबे कभी पूरे नहीं होंगे, क्योंकि पंजाब के लोग समझदार और बहादुर हैं और ऐसे नेताओं के संदिग्ध चरित्र को भली-भांति पहचानते हैं।
कॉलेज से आसपास के 50 गांवों के युवाओं को लाभ मिलेगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार नए आम आदमी क्लीनिक, स्कूल और कॉलेज खोलने के साथ-साथ अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं को लागू कर विकास को तेज़ी से आगे बढ़ा रही है। अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे गांव बकरौर में सह-शिक्षा (को-एजुकेशनल) कॉलेज का शिलान्यास किया गया है। इस कॉलेज से सीमावर्ती क्षेत्र के युवा अपने घर के नजदीक उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे। 15 एकड़ क्षेत्र में बनने वाले इस संस्थान पर 15 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इस कॉलेज से आसपास के 50 गांवों के युवाओं को लाभ मिलेगा और आने वाले वर्षों में यहां 2000 से अधिक विद्यार्थियों के दाखिले की उम्मीद है। यहां कला, विज्ञान, वाणिज्य, कंप्यूटर विज्ञान, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल शिक्षा के पाठ्यक्रम संचालित किए जाएंगे, जिससे सीमावर्ती क्षेत्र के विद्यार्थियों को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित होगी। कॉलेज क्षेत्र के युवाओं, विशेषकर लड़कियों के बेहतर भविष्य में अहम भूमिका निभाएगा। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि कॉलेज के लिए भूमि दान करने वाले गांव के विद्यार्थियों को इस संस्थान में मुफ्त शिक्षा प्रदान की जाएगी।
सरकार ने दी 63 हजार सरकारी नौकरियां
प्रवासन के मुद्दे पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं में फैली निराशा को समाप्त करना आवश्यक है, ताकि रिवर्स माइग्रेशन को बढ़ावा मिल सके। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने इस गंभीर चुनौती को नजरअंदाज किया और व्यवस्था को बर्बाद कर दिया, जिससे युवाओं को देश छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा। मुख्यमंत्री ने बताया कि उनकी सरकार ने केवल योग्यता के आधार पर 63,000 से अधिक युवाओं को स्थायी सरकारी नौकरियां प्रदान की हैं।
सीमावर्ती युवाओं के लिए भगवंत मान सरकार का क्रांतिकारी कदम
बकरौर में सरकारी डिग्री और व्यावसायिक प्रशिक्षण कॉलेज की स्थापना कर मान सरकार ने सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों की दशकों पुरानी मांग को पूरा किया है। पहले विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए लगभग 40 किलोमीटर दूर अमृतसर जाना पड़ता था, जिसके कारण विशेषकर लड़कियों की पढ़ाई बीच में छूट जाती थी। लंबे समय से चली आ रही जनहित की प्रतिबद्धता को पूरा करते हुए और उसे ज़मीनी स्तर पर ठोस कार्रवाई में बदलकर राज्य सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि आसपास के 50 से अधिक गांवों के विद्यार्थियों को 15 एकड़ के परिसर में गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा और कौशल-आधारित शिक्षा तक सीधी पहुँच मिले। इसमें डिग्री कार्यक्रमों को रोजगार-उन्मुख पाठ्यक्रमों जैसे कंप्यूटर साइंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल कौशल के साथ जोड़ा जाएगा।
इसे एक आधुनिक और विद्यार्थी-केंद्रित संस्थान के रूप में विकसित किया गया है, जिसमें व्यावसायिक सुविधाएं और खेलों से जुड़ा आधारभूत ढांचा शामिल है। यह कॉलेज पंजाब के संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्र में सामाजिक समानता और युवा सशक्तिकरण के लिए एक प्रेरक केंद्र बनने के लिए तैयार है, जो मान सरकार के सभी के लिए समान अवसर वाले शासन मॉडल की मजबूती को दर्शाता है।