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Bathinda: बठिंडा केंद्रीय जेल में गैंगस्टरों की भूख हड़ताल पांचवें दिन जारी, एक की तबीयत बिगड़ी, एम्स भेजा गया

Tue, 06 Jun 2023 04:43 PM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, बठिंडा (पंजाब)

सार

गैंगस्टरों की मांग है कि जेल प्रशासन उन्हें मनोरंजन के लिए टीवी उपलब्ध कराए और जेल पीसीओ के माध्यम से 10 अलग-अलग मोबाइल नंबरों पर कॉल करने की अनुमति दी जाए और प्रत्येक नंबर पर 10 मिनट के बजाय 20 मिनट का टॉकटाइम दिया जाए।
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बठिंडा केंद्रीय जेल में बंद गैंगस्टरों की भूख हड़ताल मंगलवार को पांचवें दिन भी जारी रही। इस दौरान अनशन पर बैठे एक गैंगस्टर रविंदर सिंह की तबीयत बिगड़ गई है। उसे सोमवार देर रात को तुरंत सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसके बाद उसे वहां से एम्स रेफर किया गया।

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हालांकि स्वास्थ्य विभाग के निर्देश पर जेल में मेडिकल टीम तैनात की गई है। बताया जा रहा है कि गैंगस्टर को अचानक उल्टी होने लगी और देखते ही देखते उसकी तबीयत ज्यादा बिगड़ गई। उक्त गैंगस्टर को बुखार भी है। फिलहाल डॉक्टरों की टीम गैंगस्टर का इलाज कर रही है।

उल्लेखनीय है कि जेल में कुल 57 गैंगस्टर बंद हैं। इनमें से 47 भूख हड़ताल पर हैं। गैंगस्टरों ने एलान किया है कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे आमरण अनशन पर बैठेंगे। भूख हड़ताल के कारण बीमार पड़े पीड़ित की पहचान गुरदासपुर जिले के खराल निवासी रविंदर सिंह उर्फ ज्ञाना के रूप में हुई है। 

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बठिंडा केंद्रीय जेल - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
गैंगस्टरों की मांग है कि जेल प्रशासन उन्हें मनोरंजन के लिए टीवी उपलब्ध कराए और जेल पीसीओ के माध्यम से 10 अलग-अलग मोबाइल नंबरों पर कॉल करने की अनुमति दी जाए और प्रत्येक नंबर पर 10 मिनट के बजाय 20 मिनट का टॉकटाइम दिया जाए। अनशन पर बैठे गैंगस्टरों ने एलान किया है कि अगर उनकी मांगों को प्राथमिकता के आधार पर जेल प्रशासन द्वारा हल नहीं किया गया तो वे कभी भी अनशन खत्म नहीं करेंगे। 

गैंगस्टर का कहना है कि वह कुछ दिन पहले भूख हड़ताल पर गया था लेकिन जेल प्रशासन से आश्वासन मिलने के बाद उसने भूख हड़ताल समाप्त कर दी। जेल प्रशासन को 15 दिन का समय दिया था लेकिन समय बीतने के बाद भी उनकी मांगों को नहीं माना गया है। इसलिए उन्हें फिर से भूख हड़ताल पर जाने को मजबूर होना पड़ा है। उनका कहना है कि जेल प्रशासन मानवाधिकारों का हनन कर रहा है।
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