जैतो के शैलर मालिक की हत्या करने के बाद आरोपी पूर्व अकाली विधायक एवं मौजूदा कांग्रेसी नेता महेशइंदर सिंह के घर एक घंटे तक रुके थे और खाना खाने के बाद वहां से निकल गए थे। यह खुलासा गैंगस्टर सुखप्रीत सिंह बुड्ढा ने एक टीवी चैनल को फोन पर दिए इंटरव्यू में किया है। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले गैंगस्टर नवतेज भोला ने भी महेशइंदर पर इसी तरह के आरोप लगाए थे।
गैंगस्टर बुड्ढा ने इंटरव्यू के दौरान आरोप लगाया कि महेशइंदर सिंह अपनी ही पार्टी के बाघापुराना से विधायक दर्शन सिंह और एक यूनियन के अध्यक्ष गटरा की हत्या उससे करवाना चाहते थे। इसके लिए पूरी प्लानिंग भी हो चुकी थी। उसने बताया कि वह दविंदर बंबीहा ग्रुप से संबंधित है और कांग्रेसी नेता बंबीहा का बेहद नजदीकी था। कांग्रेसी नेता से उसकी जान पहचान भी बंबीहा ने करवाई थी। गैंगस्टर ने कहा कि रामपुरा और जैतो हत्याकांड को इसलिए अंजाम दिया गया क्योंकि दोनों लोगों ने उनकी मुखबरी की थी।
वह अब भी पंजाब में है और दविंदर बंबीहा के जो पचास लाख रुपये विदेश से आए थे, वे कांग्रेसी नेता के बेटे धर्मपाल ने मोगा के निहाल सिंह वाला की नगर पंचायत के अध्यक्ष इंदरजीत गर्ग के पास रखवाए थे। इसमें से गर्ग ने उसे दस लाख रुपये तो वापस कर दिए थे लेकिन बाकी पैसे देने से वह मुकर गया। बुड्ढा ने कहा कि वह किसी भी कीमत पर पुलिस के सामने आत्मसमर्पण नहीं कर सकता। उसने कहा कि कुख्यात गैंगस्टर विक्की गौंडर के साथ पुलिस ने एक बेकसूर को मौत के घाट के उतारा है। गौंडर गैंग से उसका कभी संबंध नहीं रहा। वहीं टीवी चैनल पर बैठे बुड्ढा के साथी गैंगस्टर नवतेज भोला ने दावा किया कि महेशइंदर और उसके बेटे ने अब उसे भी किसी झूठे पुलिस केस में फंसा दिया है।
महेशइंदर ने की सीबीआई जांच की मांग
कांग्रेसी नेता महेशइंदर सिंह और उनके बेटे धर्मपाल सिंह ने फेसबुक पर लाइव होकर कहा कि गैंगस्टर की ओर से लगाए गए सभी आरोप झूठे हैं। वे सरकार व प्रशासन से मांग करते हैं कि इस सब की सीबीआई जांच करवाई जाए। वहीं इंदरजीत गर्ग ने भी फेसबुक पर लाइव होकर कहा कि उसने कभी दविंदर बंबीहा का कोई पैसा अपने पास नहीं रखा। बल्कि गैंगस्टर बुड्ढा उससे फिरौती मांग रहा था। इसके बारे में उसने मोगा पुलिस को शिकायत दे दी है।