जेल को सुधार गृह कहा जाता है, लेकिन यहां जेलों में रहने वाले गैंगस्टर सुधरने के बजाय बिगड़ रहे हैं। जेलों में बैठे बैठे ही बाहर की दुनिया पर राज करते हैं। अमृतसर सेंट्रल जेल में कई ऐसे गैंगस्टर हैं जिनके तार पाकिस्तान तस्करों से जुड़े हैं। अमृतसर के अतिरिक्त फिरोजपुर, फाजिल्का, कपूरथला, नाभा व मोगा जेल में कुछ गैंगस्टर के बारे में पुख्ता सबूत मिले हैं जो मोबाइल को जेल में इस्तेमाल कर वाट्सऐप पर डीलिंग करते हैं।
फेसबुक पर फरमान जारी करते हैं। गलत पहचान से सोशल मीडिया पर चलने वाले इन तमाम अकाउंट पर स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की नजरें हैं। ऐसे अकाउंट की जांच एसटीएफ के स्पेशल साइबर क्राइम टीम कर रही है। एसटीएफ के आईजी कुंवर विजय प्रताप सिंह ने बताया कि जेल में गैंगस्टरों व पाकिस्तानी तस्करों के बीच सांठगांठ होती है। ऐसे में जेल में मोबाइल के माध्यम से सारा नेटवर्क चल रहा है।
कुछ महीनों से जेलों में बंद गैंगस्टर सोशल मीडिया पर ज्यादा अब सक्रिय नही दिखते लेकिन एसटीएफ हर वो फोन नंबर खंगाल रही है जिसकी लोकेशन जेल के टावर से होते हुए ऐसे फोनों तक पहुंच रही है जो राष्ट्रद्रोही हैं। ऐसे गैंगस्टरों का नेटवर्क तोड़ने के लिए एसटीएफ जेल प्रबंधन के साथ मिलकर समय-समय पर चेकिंग करती है। जल्द ही जेलों में मोबाइल फोन पहुंचाने वाले बेनकाब होंगे।