चंडीगढ़। औद्योगिक क्षेत्र स्थित वेब मॉल के बाहर गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के करीबी सोपू नेता गुरलाल बराड़ की हत्या के मामले में यूटी पुलिस गैंगस्टर दिलप्रीत सिंह उर्फ बावा को अब 29 अक्तूबर को प्रोडक्शन वारंट पर लाएगी। इसके बाद सोपू नेता की हत्या में दिलप्रीत सिंह की भूमिका का खुलासा हो सकेगा।
गुरलाल बराड़ की हत्या के बाद पंजाब की नाभा जेल में बंद गैंगस्टर दिलप्रीत सिंह बावा का नाम सामने आया था। 19 अक्तूबर को उसे प्रोडक्शन वारंट पर चंडीगढ़ लाया जाना था, लेकिन पटियाला पुलिस की गिरफ्त में होने के चलते पुलिस उसे सोमवार को नहीं ला सकी।
पुलिस की अब तक की जांच में सामने आया कि दिलप्रीत सिंह ने ही शूटर मुहैया करवाए थे। वहीं, वारदात के आठ दिन बीतने के बावजूद एक भी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। गुरलाल बराड़ की हत्या के बाद दविंदर बंबीहा गुट ने फेसबुक पर पोस्ट डालकर जिम्मेवारी लेते हुए कहा था कि विदेश में बैठे गौरव पटियाल उर्फ लकी नाम के शख्स ने गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के करीबी गुरलाल बराड़ की हत्या करवाई है।
बता दें कि बीते 10/11 अक्तूबर की देर रात सोपू नेता गुरलाल बराड़ (26) की फार्च्यूनर गाड़ी में ताबड़तोड़ फायरिंग कर उसे मौत के घाट उतार दिया गया था। इसके बाद तीन हत्यारे बाइक पर सवार होकर फरार हो गए थे। वारदात में एक-एक गोली उसके सिर, गर्दन और बाजू पर लगी थी। इंडस्ट्रियल एरिया थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ 302, आर्म्स एक्ट, साजिश की धाराओं में मामला दर्ज किया था।