बंबीहा गैंग का दूसरा सरगना मोगा जिले के कुसा गांव का रहने वाला सुखप्रीत सिंह बुड्डा अभी संगरूर जेल में बंद है। इस गैंग ने दिल्ली-हरियाणा के गैंगस्टर और लॉरेंस के धुर विरोधी सुनील उर्फ टिल्लू ताजपुरिया और नीरज बवाना गिरोह से हाथ मिलाकर दिल्ली-एनसीआर में भी अपना नेटवर्क मजबूत कर रखा है। बंबीहा गैंग की दुश्मनी लॉरेंस गैंग से है।
कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का नाम जुर्म की दुनिया में काफी ऊपर जा चुका है। गैंगस्टर के गुर्गे पंजाब, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश और राजस्थान में सक्रिय हैं। गैंगवार का नतीजा था कि गोल्डी बराड़ के भाई गुरलाल बराड़ की हत्या की गई। मोहाली में विक्की मिड्डूखेड़ा की हत्या हुई। विक्की मिड्डूखेड़ा की हत्या की जिम्मेदारी बंबीहा गैंग ने ली थी।
विक्की मिड्डूखेड़ा हत्याकांड में सिद्धू मूसेवाला के मैनेजर शगुनप्रीत सिंह का भी नाम सामने आया था। शगुनप्रीत पर आरोप है कि उसने हत्या को अंजाम देने वाले शूटरों का सहयोग किया था और उनके रहने का इंतजाम किया था। शगुनप्रीत ऑस्ट्रेलिया भाग गया। उसके खिलाफ पंजाब पुलिस ने लुकआउट सर्कुलर भी जारी कर रखा है। यहीं से सिद्धू मूसेवाला लॉरेंस गैंग की आंखों में खटकने लगा था।
गोल्डी बराड़ ने मूसेवाला की हत्या के बाद फेसबुक पोस्ट में लिखा था कि हम मूसेवाला की हत्या की जिम्मेदारी लेते हैं। मूसेवाला ने हमारे भाई विक्की मिड्डूखेड़ा की हत्या में मदद की थी, इसका बदला लिया गया। इसके बाद बंबीहा गैंग ने लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ से सिद्धू मूसेवाला की मौत का बदला लेने की बात कही थी। इसके बाद पिछले साल सितंबर में राजस्थान के नागौर में सेठी गिरोह के सदस्य संदीप बिश्नोई उर्फ सेठी की हत्या कर दी गई थी। संदीप बिश्नोई लॉरेंस बिश्नोई का भी खास था। अब लॉरेंस बिश्नोई ने सुक्खा की हत्या की जिम्मेदारी ली और इसे गुरलाल, मिड्डूखेड़ा और संदीप की मौत का बदला करार दिया।