चंडीगढ़। सेक्टर-31 थाना पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो मजदूरों को उनके गांव तक पहुंचाने के लिए बस टिकट बुकिंग का झांसा देकर रुपये व मोबाइल ठगने का काम करते थे। गिरोह के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों की पहचान बिहार के मुजफ्फरपुर निवासी मनोश्वर पासवान (50), संतोष पासवान और सीतामढ़ी निवासी मोहम्मद जमशेद (25) के रूप में हुई है। शनिवार आरोपियों को ड्यूटी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश कर चार-चार दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया है ताकि मामले में कुछ और खुलासा हो सके।
पुलिस को दी शिकायत में मूल रूप से बिहार के समस्तीपुर निवासी रामशरण पासवान (48) ने बताया था कि वह मजदूरी का काम करते हैं। बीते शुक्रवार को वह अपने भतीजे रामबाबू (48) के साथ नवांशहर से बिहार के सोरौल जाने के लिए चंडीगढ़ के सेक्टर-43 बस स्टैंड पर दोपहर करीब 2.30 बजे पहुंचे थे। रोडवेज के बारे में पता करने के दौरान उन्हें एक युवक ने कहा कि उसके जीजा हरियाणा रोडवेज में अधिकारी है। उन दोनों को वह बस से बिहार पहुंचा देगा। इसके बाद युवक उन दोनों को ऑटो में बिठाकर रामदरबार स्थित बस स्टैंड पर लेकर आ गया। ऑटो से उतरते ही वहां पर दूसरा व्यक्ति मिला जिसे युवक ने अपना जीजा बताकर कहा कि यही रोडवेज में अधिकारी है। युवक ने कहा कि टिकट बुकिंग के लिए रुपये और दोनों मोबाइल इन्हें दे दो। मोबाइल पर ओटीपी आएगा जिसे चेक करवाना पड़ेगा। उन दोनों के झांसे में आकर रामशरण ने 4 और राम बाबू ने साढ़े 4 हजार रुपये व अपने-अपने मोबाइल दे दिए। टिकट बुकिंग का झांसा देकर वहां से दोनों रफूचक्कर हो गए।
काफी देर बाद जब दोनों वापस नहीं लौटे तो मामले की सूचना पुलिस को दी गई। जिसके बाद सेक्टर-31 थाना प्रभारी परमजीत कौर की अगुवाई में सब-इंस्पेक्टर संतोष कुमार व एएसआई अख्तर हुसैन की सूचना पर उक्त आरोपियों को दबोच लिया गया। पकड़े गए आरोपियों से पुलिस पूछताछ करने में जुटी हुई है। पुलिस जांच में सामने आया कि बीते 7 अक्तूबर को गिरोह ने उत्तराखंड निवासी दो व्यक्तियों को इसी तरह झांसा देकर उनसे दो मोबाइल और 32 हजार रुपये ठग लिए थे। आरोपी गिरफ्त में आने से पुलिस ने दोनों ही मामलों को सुलझा लिया है।