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यमुनानगर: एक साथ उठी दो दोस्तों की अर्थी, गमगीन माहौल में हुआ अंतिम संस्कार, शादी की खुशियां मातम में बदलीं

Wed, 05 Oct 2022 01:37 PM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, यमुनानगर (हरियाणा)

सार

मंगलवार को मृतक सचिन के चचेरे भाई परमजीत की शादी थी। उसकी बारात पंचकूला के रायपुररानी जानी थी। सचिन व कमलजीत बारात की तैयारियों में जुटे थे। वह बारात से संबंधित कुछ सामान लेने पाबनी मार्ग पर गए थे। परंतु इस हादसे के बाद परिवार की खुशियां मातम में बदल गईं।
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एक साथ जलीं दो दोस्तों की अर्थियां। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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हरियाणा के यमुनानगर जिले के साढौरा के सरांवा में रेत से भरे ट्राले की चपेट में आने से जान गंवाने वाले दो दोस्तों सचिन व कमलजीत का बुधवार को गमगीन माहौल में एक साथ अंतिम संस्कार किया गया। सचिन का अंतिम संस्कार बड़े भाई गौरव और कमलजीत का दाह संस्कार ताया अमरजीत ने किया।

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इससे पहले इन दोनों के शव पोस्टमार्टम के बाद सरांवा की बस्ती की एक ही गली के इनके घरों पर पहुंचे तो हर आंख में आंसू थे। महिलाओं के चीख पुकार से माहौल गमगीन था। थोड़ी देर तक घर पर अंतिम रस्म करने के बाद दोनों के शवों को राइयांवाला मार्ग के श्मशान घाट ले जाया गया। वहां बड़ी संख्या में मौजूद ग्रामीणों ने इन्हें अंतिम विदाई दी। इस दौरान एसएचओ धर्मपाल, भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष संजीव सैनी, मतलूब हसन, अजय फिरोजपुर, लखविंद्र सिंह चीमा व सैदूपुर के सरपंच अमन संधू भी मौजूद रहे।

एडीसी के आश्वासन पर ग्रामीणों ने रास्ता खोला
मृतकों के परिवारों को 25-25 लाख मुआवजा देने की मांग को लेकर 16 घंटे से रास्ता जाम कर रहे ग्रामीणों ने देर रात 12:30 बजे रास्ता खोला। परिजनों से बातचीत करने के लिए रात करीब साढ़े 10 बजे एडीसी आयुष सिन्हा मौके पर पहुंचे थे। एडीसी ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि मृतकों के परिवारों को जल्दी मुआवजा दिलवाने के लिए प्रशासन द्वारा अपने तौर पर संजीदगी से प्रयास किए जाएंगे। 

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रोड सेफ्टी कमेटी की बैठक में विचार करके इस जगह पर इस तरह के हादसों की पुनरावृति रोकने के कदम उठाए जाएंगे। भारी वाहनों की आवाजाही पर नियंत्रण के अलावा ओवरलोड वाहनों की जांच करके कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पाबनी मार्ग पर स्पीड ब्रेकर बनाकर वाहनों की गति को नियंत्रित किया जाएगा। 

आयुष सिन्हा के इन आश्वासनों के बाद ही ग्रामीण रास्ता खोलने पर राजी हुए। मौके पर बिलासपुर के एसडीएम जसपाल सिंह गिल, डीएसपी जितेंद्र, डीएसपी प्रमोद, नायब तहसीलदार भारत भूषण, नपा सचिव सुरेंद्र मलिक, एसएचओ धर्मपाल व बिलासपुर के एसएचओ जगदीश भी मौजूद रहे। ग्रामीणों के जाम हटाने के बाद प्रशासन ने राहत महसूस की।

शादी का सामान लेने गए थे, हादसे में चली गई जान
मंगलवार को मृतक सचिन के चचेरे भाई परमजीत की शादी थी। उसकी बारात पंचकूला के रायपुररानी जानी थी। सचिन व कमलजीत बारात की तैयारियों में जुटे थे। वह बारात से संबंधित कुछ सामान लेने पाबनी मार्ग पर गए थे। परंतु इस हादसे के बाद परिवार की खुशियां मातम में बदल गईं।
 
केवल चार लोग ही बारात लेकर दुल्हन को लाने पहुंचे। मृतक के परिजन सुबह से ही डीसी को मौके पर बुलाने की मांग करते रहे। परंतु एसडीएम बिलासपुर जसपाल सिंह गिल को छोड़कर कोई बड़ा अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। अगर आला अधिकारी परिजनों को सांत्वना व आश्वासन देते तो शायद वह 16 घंटे तक जाम नहीं लगाते। रात को जब एडीसी आयुष सिन्हा मौके पर पहुंचे तो उन्होंने भी मृतक के परिजनों को आश्वासन ही दिया। जिसके बाद लोगों ने जाम खोल दिया।
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