रोड सेफ्टी कमेटी की बैठक में विचार करके इस जगह पर इस तरह के हादसों की पुनरावृति रोकने के कदम उठाए जाएंगे। भारी वाहनों की आवाजाही पर नियंत्रण के अलावा ओवरलोड वाहनों की जांच करके कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पाबनी मार्ग पर स्पीड ब्रेकर बनाकर वाहनों की गति को नियंत्रित किया जाएगा।
आयुष सिन्हा के इन आश्वासनों के बाद ही ग्रामीण रास्ता खोलने पर राजी हुए। मौके पर बिलासपुर के एसडीएम जसपाल सिंह गिल, डीएसपी जितेंद्र, डीएसपी प्रमोद, नायब तहसीलदार भारत भूषण, नपा सचिव सुरेंद्र मलिक, एसएचओ धर्मपाल व बिलासपुर के एसएचओ जगदीश भी मौजूद रहे। ग्रामीणों के जाम हटाने के बाद प्रशासन ने राहत महसूस की।
शादी का सामान लेने गए थे, हादसे में चली गई जान
मंगलवार को मृतक सचिन के चचेरे भाई परमजीत की शादी थी। उसकी बारात पंचकूला के रायपुररानी जानी थी। सचिन व कमलजीत बारात की तैयारियों में जुटे थे। वह बारात से संबंधित कुछ सामान लेने पाबनी मार्ग पर गए थे। परंतु इस हादसे के बाद परिवार की खुशियां मातम में बदल गईं।
केवल चार लोग ही बारात लेकर दुल्हन को लाने पहुंचे। मृतक के परिजन सुबह से ही डीसी को मौके पर बुलाने की मांग करते रहे। परंतु एसडीएम बिलासपुर जसपाल सिंह गिल को छोड़कर कोई बड़ा अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। अगर आला अधिकारी परिजनों को सांत्वना व आश्वासन देते तो शायद वह 16 घंटे तक जाम नहीं लगाते। रात को जब एडीसी आयुष सिन्हा मौके पर पहुंचे तो उन्होंने भी मृतक के परिजनों को आश्वासन ही दिया। जिसके बाद लोगों ने जाम खोल दिया।