चंडीगढ़। प्रशासन के फंड में रोजाना लाखों रुपये आ रहे हैं, लेकिन अभी भी शहर के कुछ हिस्सों में लोग भोजन के लिए तरस रहे हैं। कॉलोनी नंबर 4 में रहने वाले ज्यादातर लोग मजदूरी का काम करते हैं। कर्फ्यू की वजह से सब कामकाज ठप पड़ा है। लोगों के पास पैसे खत्म हो गए हैं। कॉलोनीवासियों का आरोप है कि यहां प्रशासन के खाने की गाड़ी नहीं पहुंच रही है। जो गाड़ी आती भी है, वह खाने के कुछ ही पैकेट बांटकर चली जाती है।
स्थानीय निवासी राजिंदर यादव ने बताया कि यहां पर प्रशासन की ओर से रूटीन में लोगों के लिए खाना नहीं भेजा जा रहा है, जिसके चलते वह काफी मुसीबत में हैं। कुछ समाजसेवी संस्थाओं की ओर से मदद पहुंचाई जाती है, जो यहां के लोगों का सहारा है। प्रशासन की ओर से जो खाना भेजा भी जा रहा है, वह पर्याप्त नहीं है। पूरे दिन में एक बार खाने की गाड़ी आती है, उससे लोगों का पेट कैसे भर सकता है।
उसमें भी यह खाना कॉलोनी में आगे रहने वाले लोगों को तो खाना बांट दिया जाता है, लेकिन कॉलोनी के अंदर रहने वाले लोगों तक खाना नहीं पहुंच ही नहीं पाता है। उन्होंने बताया कि कॉलोनी में ढाई हजार के करीब झुग्गी है, जिनमें 8 से 10 हजार के करीब लोग रह रहे हैं। यही कारण है कि अधिकतम लोगों को खाना नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने बताया कि कॉलोनी में अधिकतम लोग मजदूरी कर अपना और अपने परिवार का पालन पोषण कर रहे हैं। कुछ लोग डेलीवेज पर काम कर रहे हैं।
सांसद साहिबा भी सुध लेने नहीं पहुंची: संजय कुमार
स्थानीय निवासी संजय कुमार ने बताया कि शुक्रवार को एक भी गाड़ी खाने की नहीं आई। शनिवार को भी कॉलोनी में करीब 2.30 बजे प्रशासन की ओर से खाना बांटने के लिए टीम भेजी गई थी, लेकिन हमेशा की तरह सभी लोगों तक यह खाना नहीं पहुंच पाया। लोग परेशान है, लेकिन सांसद किरण खेर एक बार भी सुध लेने नहीं पहुंचीं। वह इस संबंध में पार्षद से भी बात कर चुके हैं, लेकिन फिर भी इसका कोई समाधान नहीं मिल पा रहा है। यही कारण है कि उन्होंने अब प्रशासन से गुहार लगाई है।