मोबाइल फूड जांच लैब का आइडिया फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी आफ इंडिया (एफएसएसएआई) को पसंद आ गया है। चंडीगढ़ की तर्ज पर 29 प्रदेश और सात केंद्रीय शासित राज्यों में 62 मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब बनाने का फैसला लिया है। इसके लिए राज्यों को ग्रांट भेजी जा रही है।
इतना ही नहीं, बल्कि तीन साल तक मोबाइल वैन के रखरखाव और स्टाफ का खर्च देने का निर्णय हुआ है। जिन राज्यों को फूड लैब भेजी जा रही है, उसमें चंडीगढ़ भी शामिल हैं। हालांकि चंडीगढ़ में पहले से लैब स्थापित है। अब इस पर विचार चल रहा है कि लैब की संख्या बढ़ाई जाए या जो है उसी से काम चलाया जाए। फूड लैब के सफल होने के बाद स्थानीय अधिकारियों ने लैब की पूरी प्रक्रिया को एफएसएसएआई से अवगत कराया। एफएसएसएआई को फूड लैब का आइडिया पसंद आया और उन्होंने इसे पूरे देश में लागू करने का फैसला लिया।
20 रुपये में सामान की जांच
चंडीगढ़ की मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब पिछले साल अप्रैल में स्थापित की गई थी। अब तक 600 से ज्यादा फूड सैंपलों की जांच हो चुकी है। दूध के 400 से ज्यादा सैंपल चेक किए गए। लोग खुद से अपना सामान लाकर चेक करवाते हैं। पहले एक सैंपल की फीस 30 रुपये थी, बाद में प्रशासन ने इसे 20 रुपये कर दिया है। अधिकारियों ने बताया कि जब से मोबाइल लैब आई है, तब से लोगों में जागरूकता आई है। लोग खुद से लैब में आते हैं और सामान चेक करवाते हैं। मिलावट मिलने पर शिकायत होती है और बाद में फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट कार्रवाई भी करता है।
यहां खड़ी होती है लैब
फूड टेस्टिंग लैब
- फोटो : डेमो पिक
आप भी इन सामानों की जांच करवा सकते हैं
सामान इसकी होती है मिलावट
दूध स्टार्च, फैट, एसएनएफ, ग्लूकोज, यूरिया, शुगर, नियुट्रालाइज, फार्मालिन
खोया स्टार्च
पनीर स्टार्च
देसी घी वनस्पति
मस्टर्ड आयल आर्गीमोन आयल, मिनरल आयल, कस्टर आयल
दाले कलर, लीड कोरोमेट, चॉक पाउडर
बेसन रंग
हल्दी चाक पाउडर, कलर
हींग स्टार्च
यहां खड़ी होती है लैब
सोमवार सिविल अस्पताल सेक्टर 22
मंगलवार सिविल डिसपेंसरी सेक्टर 8
बुधवार सिविल डिस्पेंसरी सेक्टर 40
वीरवार सिविल हास्पिटल सेक्टर 45
शुक्रवार सिविल हास्पिटल मनीमाजरा
चंडीगढ़ की मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब के जरिए पूरे शहर में दूध का सर्वे हो चुका है। सिर्फ एक या दोे सैंपल फेल मिले। लोगों में जागरूकता बढ़ रही है। वह खुद से सामान चेक कराने आ रहे हैं। इसके सफल होने में चंडीगढ़ प्रशासन का अहम रोल रहा है। उनके मार्गदर्शन में ही लैब की एक्टिविटीज बढ़ाई जा रही है।
सुखविंदर सिंह, डेजिग्नेटेड आफिसर फूड एंड सेफ्टी विंग, चंडीगढ़ प्रशासन