सेक्टर-26 की सब्जी मंडी में कई विदेशी फलों ने दस्तक दी है, लेकिन ये आम घरों के डाइनिंग टेबल पर नहीं सजेगा। थाइलैंड का ड्रैगन फ्रूट और अमरूद, अमेरिका का बेर, चीन और अमेरिका के सेब ने मार्केट में अपनी जगह बना ली है।
यह जनसाधारण के वश में नहीं है। सेक्टर-26 के शिवा फ्रूट के रोहित कुमार का कहना है कि महंगे फलों का रख रखाव भी महंगा है। इसे हमेशा फ्रीजर में रखना पड़ता है। फ्रीजर से निकालने पर इसके खराब होने का डर रहता है। ग्राहकों के लिए एक दो पीस ही बाहर रखते हैं। इन महंगे फलों की फाइव स्टार होटल और बड़ी शादियों में काफी मांग है।
कितने का इंपोर्टेड फल
थाइलैंड का ड्रैगन फ्रूट तीन सौ रुपये से पांच सौ रुपये प्रति किलोग्राम
थाइलैंड का अमरूद तीन सौ रुपये प्रति किलोग्राम
अमरीका का बेर तीन सौ रुपये प्रति किलोग्राम
चीन और अमरीका का सेब दो सौ से ढाई सौ रुपये प्रति किलोग्राम
भारतीय फ्रूट
चीकू चालीस रुपये प्रति किलोग्राम
पपीता 35 रुपये प्रति किलोग्राम
संतरा 70 से 80 रुपये प्रति किलोग्राम
अंगूर 70 रुपये प्रति किलोग्राम
काला अंगूर एक सौ रुपये प्रति किलोग्राम
मंडी में इंपोर्टेड फ्रूट आ गए हैं। अभी ये महंगे हैं। ड्रैगन फ्रूट के अलावा चीन और अमेरिका के सेब और बेर भी मंडी में बिकने के लिए पहुंच गए हैं।
- जीआर पिल्लई, सचिव, मार्केट कमेटी, सेक्टर-26 चंडीगढ़