विभिन्न एसोसिशनों व मुलाजिमों के बाद स्वतंत्रता सेनानियों के परिवार भी संघर्ष की राह पर गए हैं। स्वतंत्रता सेनानी अमर सिंह के नाती बलजिंदर सिंह ने एसएसए बोर्ड द्वारा नियुक्ति पत्र नहीं दिए जाने से नाराज होकर गुरुद्वारा अंब साहिब के सामने रविवार को भूख हड़ताल शुरू कर दी।
बलजिंदर सिंह ने बताया कि उप वैद्य का डिप्लोमा कर रखा है। बोर्ड ने 2011 में 82 पदों पर उप वैद्य को भर्ती करने के लिए विज्ञापन निकाला था। इसमें फ्रीडम फाइटर के वारिसों के लिए तीन सीटें बनती थीं। लेकिन विज्ञापन में सिर्फ एक ही पद का विवरण दिया गया है। नियुक्ति के समय वह पहले नंबर पर वेटिंग लिस्ट में थे। उनकी नियुक्ति बनती थी। पर बोर्ड ने उनकी नियुक्ति न करके उनके साथ धोखा किया गया। इसके बाद दोबारा बोर्ड ने 2012 में 85 उप वैद्य के पदों को भरने के लिए विज्ञापन जारी किया गया।
लेकिन, फ्रीडम फाइटर कोटे में कोई सीट नहीं थी। इसके बाद बोर्ड ने संशोधित करके साल 2013 में 87 पद भरने के लिए विज्ञापन निकाला था। वहीं, विज्ञापन में दो पद फ्रीडम फाइटर के कोटे के थे। उन्होंने कहा कि यह बोर्ड ने उनकी तरफ से पत्र लिखने के बाद किया। उन्होंने कहा कि यदि बोर्ड साल 2011 के मुताबिक नियुक्ति करता तो उनकी नियुक्ति होनी तय थी। उन्होंने कहा कि साल 2012 से लगातार सरकार को अपनी नियुक्ति के बारे में पत्र लिखकर बता दिया था। पर उनकी नियुक्ति नहीं होने के कारण भविष्य खराब होता नजर आ रहा है।
उन्होंने कहा कि जब तक उनको नियुक्ति पत्र नहीं दिया जाता है, तब तक भूख हड़ताल बैठे रहेंगे। इस मौके पर कपूरथला के स्वतंत्रता सेनानी की उत्तराधिकारी वरिंदर कौर धामी ने बलजिंदर सिंह को समर्थन दिया है। इसके अलावा मास्टर अवतार सिंह बुर्ज, मनजीत सिंह, हरनेक सिंह, अवतार सिंह, गुरमीत सिंह अभिपुर, सुखदेव सिंह भजौली व अन्य स्वतंत्रता सेनानियों के परिवार मौजूद थे।