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ग्रामीणों का विरोध, पॉवरकॉम ने स्टे के लिए दिए दस दिन

Fri, 19 Aug 2016 11:34 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, जीरकपुर
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पावरकॉम द्वारा निर्माण कार्य शुरू करने के बाद दलित ग्रामीणों ने किया विरोध। - फोटो : अमर उजाला
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बलटाना के बिजली ग्रिड के मामले में माहौल उस समय तनावपूर्ण हो गया जब पावरकॉम विभाग के अधिकारी भारी फोर्स के साथ निर्माण करने के लिए पहुंच गए। पावरकॉम द्वारा निर्माण कार्य शुरू करने के बाद दलित ग्रामीणों ने विरोध शुरू कर दिया। विरोध देख पावरकॉम ने काम बंद कर निर्माण कार्य पर स्टे लाने के लिए दस दिन का समय दे दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने जीरकपुर के नायब तहसीलदार परमजीत सिंह को बतौर ड्यूटी मजिस्ट्रेट तैनात कर दिया था।
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मौके पर ग्रिड के निर्माण का विरोध कर रहे प्रकाश सिंह, गुरजीत सिंह, रणजीत सिंह, जसवंत सिंह, प्रीतम सिंह, रविंदरपाल सिंह, गुरविंदर सिंह, निरमल सिंह सहित अन्य ने बताया कि 1985 में चार किले जमीन गांव के जमींदारों ने गरीब परिवारों को अलॉट की थी। इसमें से ज्यादातर जमीन पर बिरादरी ने घर बना लिए और कुछ जमीन सांझे कार्यों के लिए खाली छोड़ दी थी। यह गांव नगर काउंसिल में शामिल होने पर माल विभाग के रिकॉर्ड में जमीन काउंसिल के नाम पर चढ़ गई। काउंसिल ने उनकी जमीन को गैर-कानूनी तरीके से पावरकॉम विभाग को ग्रिड बनाने के लिए बेच दी। उन्होंने आरोप लगाया कि हाईकोर्ट ने यहां स्टेट्स-को के आदेश दिए हुए हैं। इसके बावजूद पावरकॉम ने अदालत के आदेशों की उल्लंघना करते हुए उनके कब्जे वाली जमीन पर पुलिस की मदद से निर्माण कार्य शुरू कर दिया। इतना ही नहीं पुलिस ने उन्हें हिरासत में भी रखा।

मौके पर पावरकॉम विभाग के एक्सईएन अश्वनी कुमार और निर्माण कार्य के एक्सईएन अनिल कुमार ने बताया कि अदालत ने ग्रिड के निर्माण पर नहीं, बल्कि जमीन के कब्जे पर स्टेटस-को जारी किया है। उन्होंने ग्रिड के निर्माण के लिए 95 लाख रुपये जीरकपुर नगर काउंसिल को अदा करके जमीन की खरीदी है, जिसकी रजिस्ट्री कराने के बाद कब्जा लिया गया था। कानूनी राय लेने के बाद ही उन्होंने काम शुरू किया है। उन्होंने कहा कि दलित गैर-कानूनी ढंग से काम में विघ्न डाल रहे थे, जिसके लिए पुलिस की मदद मांगी गई थी। उन्होंने कहा कि मौके पर दलित परिवारों को स्टे के लिए दस दिन का समय दिया है। अदालत से ग्रिड के निर्माण पर स्टे लाने तक वह काम नहीं करेंगे। उन्होंने दावा किया वह अब अगले माह सितंबर की एक तारीख को काम शुरू करेंगे।
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