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ये कहने को अस्पताल, बिना दवा कैसे हो इलाज?

Thu, 16 Jan 2014 09:21 AM IST
दीपक शाही/अमर उजाला, पंचकूला
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सेक्टर-6 स्थित जनरल अस्पताल में मुख्यमंत्री मुफ्त इलाज योजना शुरुआती माह में ही दम तोड़ने लगी है।
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यह योजना एक जनवरी से लागू हुई है, लेकिन इसके शुरू होने के महज एक पखवाड़े बाद ही हालात ऐसे बन गए हैं कि अस्पताल में जरूरी से जरूरी मेडिसिन भी नहीं मिल रही हैं।
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सिविल सर्जन के दावे हकीकत से परे
सिविल सर्जन डा. वीके बंसल ने 13 जनवरी को ही प्रेस कांफ्रेंस कर मुख्यमंत्री मुफ्त इलाज योजना की विस्तृत जानकारी दी।

अस्पताल में सुविधाओं के बारे में तमाम तरह के दावे किए गए, लेकिन मुफ्त इलाज योजना मरीजों के लिए कितनी कारगर साबित हो रही है, इस पर उनका भी ध्यान नहीं है।
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मेडिसिन नहीं होेने के बारे में जब उनसे पूछा गया तो टका सा जवाब मिला कि अस्पताल में सभी मेडिसिन मौजूद हैं।


ये जरूरी मेडिसिन नहीं हैं अस्पताल में
मेडिसिन        उपयोग
फालिक एसिड        गर्भवती महिलाओं को प्राथमिक तीन माह तक दी जाती है। यह बच्चों के किडनी और आंखों के लिए लाभदायक होती है।

मेटफारमिन................यह मेडिसिन शुगर के मरीजों को दी जाती है। लो शुगर होने पर भी यह कारगर है।

पैरासिटामोल सिरप................यह सिरप बुखार होने पर मरीजों को दिया जाता है।

एमोक्सी सिरप................फोड़े-फुंसियां होने पर यह सिरप बच्चों को दी जाती है।

एलबेन्डा जोल सिरप................पेट के कीड़े होने पर यह सबसे सेफ दवा मानी जाती है, क्योंकि इसे किसी भी मेडिसिन के साथ मिक्स कर ले सकते हैं।

एंटा एसिड (सस्पेंश)................पेट में तेजाब बनने पर यह दवा दी जाती है।

साल ब्यूटामोल................अस्थमा और सांस से पीड़ित मरीजों को यह दवा दी जाती है।

नोजल ड्राप्स................खांसी, जुकाम के वक्त नाक बंद होने पर इसका उपयोग किया जाता है।

फ्लुर आई ड्राप्स................इसका उपयोग आंखों के इलाज के लिए किया जाता है।


मेडिसिन के संबंध में अभी कोई जानकारी नहीं है।
ऊषा गुप्ता, पीएमओ, जनरल अस्पताल
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