सेक्टर-16 स्थित जीएमएसएच में हरियाणा और पंजाब के कर्मियों का फ्री ट्रीटमेंट बंद कर दिया गया है। अब कर्मियों को इलाज के दौरान ही रुपये जमा कराने होंगे।
चंडीगढ़ स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह फैसला हरियाणा और पंजाब की ओर से चंडीगढ़ को बकाया न देने पर लिया है। हरियाणा और पंजाब का करीब साढ़े चार सौ करोड़ रुपये बकाया है। इस बारे में एक जून को चंडीगढ़ स्वास्थ्य विभाग ने दोनों राज्यों को लेटर लिखा है।
29 मार्च साल 1967 में जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक सेक्टर-16 जनरल अस्पताल के मेंटीनेंस का आधा खर्च चंडीगढ़ को और आधा खर्च हरियाणा और पंजाब को उठाना देना था। आधे खर्च में पंजाब और चंडीगढ़ को 60 से 40 प्रतिशत मेंटीनेंस खर्च देना तय हुआ था।
इसमें पंजाब का करीब 280 करोड़ और हरियाणा का 180 करोड़ रुपये बकाया था। दोनों ही राज्यों के मरीजों का यहां पर फ्री इलाज होता था। लेकिन सरकारों ने इसका मेंटीनेंस खर्च नहीं दिया।
इस बारे में चंडीगढ़ स्वास्थ्य विभाग नेएक जून से हरियाणा व पंजाब के कर्मियों का फ्री ट्रीटमेंट बंद करने का फैसला लिया है। अब उन्हें इलाज के लिए रुपये जमा कराने होंगे। कर्मचारी अदायगी का भुगतान अपने राज्यों की सरकारों से करेंगे।